एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
आतंकवाद के बाद गैंगस्टरवाद से जूझ रहे पंजाब का गनकल्चर फिर चर्चा में है। अवैध के साथ लाइसेंसी हथियार पुलिस के सामने नई मुसीबत बन गए हैं। पिछले दिनों शिवसेना नेता की दिनदहाड़े हुई हत्या में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था। लाइसेंसी हथियार के मामलों में यूपी और जम्मू कश्मीर के बाद पंजाब तीसरा राज्य है, जहां लोगों के पास सबसे ज्यादा बंदूकें हैं। सूबे में करीब 55 लाख परिवार हैं और करीब चार लाख शस्त्र लाइसेंस। इस हिसाब से हर 14वें परिवार के पास एक लाइसेंसी हथियार मौजूद है।
लोग हथियारों के शौकीन
लोग हथियारों के इतने शौकीन हैं कि उनके पास फुली ऑटोमैटिक से लेकर बुल्गारिया और अमेरिका में बनी मैगनम जैसी विदेशी पिस्टल हैं। पंजाब के अमृतसर, बठिंडा, तरनतारन, संगरूर, फिरोजपुर, होशियारपुर और मुक्तसर जिलों में 42 प्रतिशत से अधिक बंदूक के लाइसेंस हैं, जबकि शेष 58 प्रतिशत पूरे पंजाब में हैं। सिर्फ बठिंडा में ही 25 हजार से ज्यादा वैध हथियार हैं। यह भी पता चला है कि पंजाब में आम लोगों के पास हथियारों की संख्या करीब 10 लाख से अधिक है। कई असलहा धारकों ने एक लाइसेंस पर तीन-तीन हथियार ले रखे हैं।
30 हजार से अधिक लाइसेंस महिलाओं के नाम
दो साल पहले केंद्र सरकार ने एक लाइसेंस पर दो हथियार ही लिए जाने का आदेश दिया था। पहले धारकों के पास तीन तीन हथियार होते थे। इसके बाद पंजाब में हथियारों के अपनी पत्नी व बच्चों के नाम ट्रांसफर करने की बाढ़ आ गई और नतीजा यह है कि पंजाब में 30 हजार से अधिक लाइसेंस महिलाओं के नाम पर हैं। आतंकवाद के दौर से पंजाब में हथियार रखने का चलन बढ़ा है। इसके बाद गैंगवार और कुछ पंजाबी गायकों ने गन कल्चर को महिमामंडित किया।
रेवड़ियों की तरह बनाए गए लाइसेंस
नेताओं व अधिकारियों ने मिलकर पंजाब में रेवड़ियों की तरह लाइसेंस बांटे हैं। कमिश्नरेट इलाकों को छोड़कर पंजाब के अन्य इलाकों में लाइसेंस जारी करने का अधिकार डीसी के पास होता है। डीसी कार्यालय थानेदार की सिफारिश पर लाइसेंस जारी करता है। पुलिस अपनी जांच में बताती है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक केस है या नहीं।
यह प्रक्रिया है लाइसेंस की
लाइसेंस आवेदन करने वाले को डोप टेस्ट करवाना पड़ता है, उसकी रिपोर्ट के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड व दो साल की आयकर रिटर्न को लगाकर आवेदन करना पड़ता है। साथ ही बताना पड़ता है कि हथियार की जरूरत क्यों है? थानेदार अगर जरूरत समझे तो वह खुफिया विभाग से रिपोर्ट मांग सकता है लेकिन यह नेटवर्क इतना मजबूत होता है कि नीचे से लेकर बड़े साहब तक फाइल ओके लिखकर बढ़ा देते हैं। एडीजीपी अर्पित शुक्ला का कहना है कि जिन लोगों ने स्टेटस सिंबल के लिए लाइसेंस ले रखे हैं, उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
स्टेटस सिंबल का इस्तेमाल शादी ब्याह में जमकर
बठिंडा के मौड़ मंडी में विवाह समारोह में गोली चलने से घटित घटना में डांसर की मौत हो चुकी है। होशियारपुर में विवाह समारोह दौरान गोली से दूल्हा व उसका एक साथी गंभीर घायल होने की घटना के अलावा अमृतसर में भी एक तीन वर्षीय बच्ची की इसी प्रकार की घटना में मौत हो गई थी। जालंधर में कांग्रेसी नेता बलवंत शेरगिल भी लाइसेंस हथियार के कारण जान गंवा बैठे थे।

