फटकार के बाद राज्य सरकार आई हरकत में …. अब जेल में नहीं बजेगी फोन की घंटी.. 6 माह के भीतर लगेंगे जैमर

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।पंजाब में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्व में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पंजाब सरकार ने इस पर अमल करने पर फटकार लगा चुकी हैं। अब राज्य सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया हैं। जेल विभाग के आईजी आरके अरोड़ा ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। इसमें सरकार ने कहा कि वित्त विभाग से परमिशन मिलने पर 6 से 9 महीने में जेलों में जैमर लगाने संभव हो सकते हैं।


रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट सचिवालय जैमरों की खरीद के लिए परमिशन देने के लिए नोडल अथॉरिटी है। कैबिनेट सचिवालय (सिक्योरिटी) की ओर से दिए जैमरों की खरीद के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के दो औद्योगिक संस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) जैमर की खरीद के लिए स्वीकृति सूत्र हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पंजाब सरकार ने सरकारी कंपनी बीएसएनएल को जैमर खरीदने की सूची से बाहर कर दिया है, तर्क दिया है कि कैबिनेट मंत्रालय से स्वीकृत नहीं है।


कैसा होगी कार्रवाई योजना, जानें
कोर्ट में जैमर इंस्टॉलेशन​ के बारे में एक संभावित टाइम एक्शन प्लान भी रखा गया। इसके अनुसार वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ऑर्डर जारी करने पर बीईएल 9 महीने में और ईसीआईएल 6 माह में जैमर सप्लाई कर देगी। बताया जा रहा है कि पंजाब के एडवोकेट जनरल चंडीगढ़ से बाहर होने के कारण मामले में बहस नहीं हो पाई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी है।


पंजाब सरकार को लगी थी फटकार
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि यदि पंजाब सरकार जेलों की सुरक्षा करने में विफल है तो क्यों न इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार को दे दी जाए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था पंजाब सरकार द्वारा जेलों में 4जी जैमर किराए पर इंस्टॉल करने की बात कही जा रही थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि सुरक्षा के मामले में पैसों की चिंता क्यों की जा रही है। 5जी के जमाने में पंजाब सरकार 4जी तकनीक के जैमर भी नहीं लगा सकी।

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