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इस समय पंजाबी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार की पूरी तूती बोल रही है। यू कहें कि ये तो राज्य सरकार के जमाई बन चुके है। फूकरे तथा नशे के आदी ये कलाकारों को राज्य सरकार ने इनकी सुरक्षा में पुलिस तथा कमांड़ो का दस्ता लगा रखा है। इसके पीछे का कारण यह है कि उन्हें गैंगस्टरों से उनकी जांन को खतरा है। ये तो एक प्रकार का ड्रामा हैं, क्योंकि, खुद ही इन लोगों के गैंगस्टरों के साथ कहीं न कहीं गहरे संबंध जुड़े हुए हैं। ये लोग भारतीय नागरिकता के साथ-साथ विदेश (कनाडा) में नागरिकता लेकर भारतीय संविधान को धोखा दे रहे हैं। ऐसे में इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना भी लाजिमी बनता है। लेकिन, राज्य सरकार इनके खिलाफ कुछ भी नहीं करने वाली है।

ऐसा , इसलिए, क्योंकि, सारा मामला वोट की राजनीति से जुड़ा है। इन फूकरे कलाकारों के साथ कई लाखों फोलयर्स जुड़े हुए है जो इनके एक बार कहने पर प्रदेश की सत्ता में किस पार्टी की सरकार बनेंगी उस रास्ता तय करते हैं।स्टेज पर नशा कर मनकीरत औलख जैसे कलाकार अपनी प्रोफ्रोमेंस करते है, ऐसा देखने में लगता है कि इनके शरीर में कितनी एनर्जी है। लेकिन ये सब नशे का कमाल होता है। वर्तमान यूथ का कलाकार ही उनका आईकोन होता है, लेकिन, सवाल खड़ा होता है कि औलख जैसे कलाकार नशा करके यूथ को क्या संदेश देना चाहते है।

क्या, उनका मकसद ये है कि पंजाब की जवानी को नशे में धकेलना या फिर उन्हें बेवकूफ बनाकर पैसा कमाना है? खैर, इसके लिए सरकार तथा प्रशासन को कुछ करना होगा। उन्हें इनके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ इनके स्टेज शो से पहले डोप टेस्ट करवाना अनिवार्य बनाना होगा, ताकि, इन लोगों को भी अकल आए कि भविष्य में प्रोफ्रेमेंस देने से पहले कभी नशा नहीं करना हैं। ऐसा नहीं है कि कलाकारों में सभी ही नशे के आदी हैं, बल्कि, वो कलाकार भी थे, जिन्होंने नशे से दूर रह कर यूथ को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनमें सबसे पहले नाम दिवंगत कलाकार सिद्वू मूसेवाला का आता हैं, जिन्होंने हमेशा से ही अपनी स्टेज पर यूथ को इस बात का संदेश दिया कि वे लोग नशे से दूर रहकर अपना भविष्य उज्जवल करें।
इसी संदेश की वजह से उनके जाने के बावजूद दुनिया उन्हें दिल से याद करती है। सिद्वू को कई स्टेज शो में तो यह भी देखा गया कि वे अकेले ही बिना सुरक्षा के अपना प्रोफ्रोमेंस देते दिखाई दिए। हां, उनके साथ अधिकतर समय उनके पिता बलकौर सिंह ने बिताया तथा हर बार अपने फैंस को पिता के नाम पर ताली बजाने के लिए अपील की।

बड़ा सवाल…इनके पास पैसे का इतना बड़ा स्रोत क्या है…?
ऐसे में समय-समय पर ये भी बड़ा सवाल उठता आया है कि इनके पास इतना पैसा कहां से आता है , इनके पैसे का स्रोत असल में क्या है? महंगे-महंगे कपड़े, कलाई पर घड़ियां, आरामदायक कारें, कोठी जैसी कंफट जोन कैसे इनके पास अधिक संख्या में है ? आखिर, कौन इन्हें दे रहा है ? क्या कोई देश विरोधी गतिवधियां या फिर अपराध से जुड़े गैंगस्टर इनकी मदद कर रहें है? कई बार साफ भी हुआ है कि अधिकतर कलाकार गैंगस्टरों के लिए स्टेज तथा प्रोफ्रोमेंस देते हैं। इसका ताजा सबूत वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है। ऐसे में पुलिस-सरकार-एजेंसियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है, क्यों नहीं इस पर जांच की जाती है ? या फिर समझ लिया जाए कि सब लोग एक साथ मिले है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। ऐसे में देखा जाए तो आम जनता के साथ धोखा ही हो रहा है।
पुराने कलाकारों की सादगी
एक समय सुरों के ताज कहलने वाले पुराने कलाकारों को हमेशा से ही बिना सुरक्षा के आते-जाते देखा जा सकता है। पूछा जाए, क्या उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। क्यों , उन्हें धमकीयां नहीं मिलती है। सब कुछ होता है लेकिन उन्होंने हमेशा से ही सादगी को ही ज्यादा जोर दिया है, इसलिए, देश-विदेश में उन्हें हर कोई प्यार, सम्मानित तरीके से देखता है। उनकी मुधर आवाज वर्तमान में भी दुनिया के हर कोने में सुनी जा सकती है। कहते है इन लोगों ने कभी पैसे को अपनी अहमियत नहीं समझा है, बल्कि, अपने रुतबे को कायम रखने के लिए दुनिया के समक्ष अच्छे-अच्छे गीत गाकर नई मिसाल पैदा की। इनके गए गीत वर्तमान में भी हर पार्टी तथा शुगन में एक नई रौनक पैदा कर देते है। नए फूकरे कलाकारों को अपने शीर्ष कलाकारों से कुछ सीख लेनी चाहिए तथा उसे अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
अश्लीलता तथा नशे-गण-कलचर को अधिक बढ़ावा
नए फूकरे जितने भी कलाकार है, इनके गीत अधिकतर अश्लीलता तथा नशे-गण-कलचर के साथ जुड़े होते है। ऐसे में नया यूथ इनके गीत को फोलो कर आगे इसे अपनी असल जिंदगी में अपनाता है, जिससे समाज में अपराध का ग्राफ बढ़ता है। ऐसा कई बार पकड़े गए यूथ अपराधियों ने पुलिस कबूलनामे में दोहराया है। देश की सर्वाच्च न्यायालय से लेकर कुछ अच्छी एनजीओ ने इनके खिलाफ समय-समय पर कड़ी कार्रवाई की मांग तथा आदेश जारी किए, लेकिन, समय-समय की राज्य सरकारों द्वारा कुछ भी नहीं करने से ऐसा प्रतीत होता है कि ये काम सभी की मिलीभुगत से काफी प्रफुल्लित हो रहा है। ऐसे में अब सवाल होता है कि कब इस बुराई पर अंकुश लग सकता है।
एनआरआई का शौक, इन्हें प्रोत्साहित कर रहा
कुछ जानकारों का मानना है कि जितने भी फूकरे कलाकार है, इन्हें वर्तमान में सबसे अधिक प्रोतसाहित एनआरआई तथा जट्ट सिख खेमा कर रहा है। क्योंकि, उनके पास बहुत ज्यादा पैसा है। अधिकतर वे अपने शादी से लेकर खुशी के मौके पर इन्हें आमंत्रित करते है तथा इनसे पैसे के बल पर प्रतिबंधित गीतों को बोलने के लिए मजबूर करते है। इतना ही नहीं ये लोग कुछ घंटों में उक्त कलाकारों को लाखों रुपए फीस देने के साथ-साथ इन पर मोटा पैसा वार भी देते है। ऐसे में कलाकार के पास इससे अच्छा तथा बेहतर कोई विकल्प नहीं बचता है। इतना ही नहीं इऩ प्रोग्राम में गोलीबारी चलना भी आम बात है, जिससे कई बार आम आदमी इसका शिकार होता है तथा कई बार कईयों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन इस कल्चर को ख्तम करने में अब तक विफल साबित हुआ है।
अब फूकरों की डिमांड कई हिस्सों में बढ़ने लगी
फूकरे कलाकारों की अब पंजाब ही नहीं देश के कई हिस्सों में डिमांड बढ़ने लगी है। बहुत सारे क्षेत्रों में उन्हें प्रोफ्रोमेंस करने के लिए आमंत्रित किया जाने लगा है। बताया जाता है कि एक शो में कलाकार की हैसियत के हिसाब के मुताबिक, लाखों-करोड़ों रुपए दिए जाते है। इतना ही नहीं, वहां पर एक फर्जी जुएं की तरह लोगों से ये कह कर पैसा वसूला जाता है कि शो की टिकट सब बिक चुकी है, लेकिन, असलियत में ऐसा कुछ नहीं होता है। जानबूझकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का अनूठा तरीका अपनाया जाता है। पता चला है कि ये लोगों से अधिक पैसा वसूलने का तरीका होता है। ऐसे में सवाल फिर से खड़ा होता है कि ADMINISTRATION बिना जांच-पड़ताल किए , उन्हें अनुमति किस आधार पर दे देता है, क्या , ये लोग घूस लेकर अपना इमान बेच देते है। ऐसे में इस कदर की बुराई को रोकने के लिए निष्पक्ष जांच-एजेंसी तथा शीर्ष अदालतों को दखल देने की आवश्यकता है। नहीं तो हमारे भविष्य का ये सब लोग बेड़ागर्क कर देंगे। इतना ही नहीं सुनने में यह भी आया है कि इन शो में कई प्रकार के नशे का सेवन भी चलता है। ये सब नशा शो से जुड़े लोग यूथ को महंगे दाम पर लेकर देते है। ऐसे में यूथ का शो के अंत तक सरुर भी बना रहता हैं।
अलगवाद तथा देशविरोधी अधिकतर कलाकार…फिर भी भारत में शो तथा गीत गा रहे पंजाबी कलाकार
इस समय विदेश की धरती में पंजाब को अलग देश बनाने के लिए कुछ अलगवाद ताकतें पूरी कोशिशें कर रही है। इतना ही नहीं पता चला है कि उन्हें फंड़िग आईएसआई तथा कुछ विदेशी एजेंसी कर रही है। ऐसे में उन्होंने कई कलाकाऱों को खालिस्तानी मूवमेंट को अधिक तेज करने के लिए काफी पैसा दे रखा है जोकि, कई स्टेज पर खालिस्तान के बारे में बोलते हुए गए। अब यहीं कलाकार भारत के कई राज्यों में अपनी प्रोफ्रोमेंस दे रहे है।
मालूम हुआ कि देश का पैसा अब इनकी जेब जा रहा है। आरामदायक चीजें , लग्जरी गाड़िया तथा महंगे आवास सब भारतीय मुद्रा से खरीद रहे है। लेकिन, खालिस्तान का राग अपनाने वाले इन कलाकारों के खिलाफ एक्शन होना भी लाजिमी बनता है। क्योंकि, इनकी वजह से ही देश के यूथ का माइंड खराब हो रहा है। खासकर सिख यूथ को खत्म करने में इनका खासा रोल भी सामने भी आ रही है। अब देश की सरकार से लेकर एजेंसी को इस बारे सोचना होगा, उन्हें इनके खिलाफ कार्रवाई होगी तथा भविष्य में इनके शो को रद्द करने पर भी जोर देना होगा। ###USA###UK###CANADA###PUNJABI###SINGER###AUSTRALIA##NEWZEALAND###SINGAPORE###

