बड़ा सवाल…कैसे, दातर हमले के पीड़ित पत्रकार की MLR हुई गायब !

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आरोप…सिविल अस्पताल में बिचौलियों की ‘सेटिंग’ या पुलिस का दबाव?

स्वास्थ्य विभाग अमृतसर में दलालों का बोलबाला: इंसाफ के लिए तरस रहा पत्रकार, शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने खोला मोर्चा**

सुरिंदर सोनू/राघव अरोड़ा/ अमृतसर.

पिछले दिनों पत्रकार विशाल शर्मा पर कथित तौर पर तेजधार हथियार (दातर) से कुछ हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था। उस मामले को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसा, इसलिए क्योंकि हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पत्रकार की मेडिकल-लीगल रिपोर्ट (MLR) रोक ली गई तथा इसके पीछे सिविल अस्पताल में सक्रिय बिचौलियों और पुलिस की कथित मिलीभगत को सीधे  तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह आरोप शहीद भगत सिंह प्र  की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया है। मामला, पंजाब के अमृतसर में स्थित कोट खालसा की राम नगर कॉलोनी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा हैं। यह आरोप शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन के महासचिव जोगा सिंह राजपूत ने  उनके हाथ लगे जरूरी साक्ष्यों के आधार पर लगाए हैं। 

**दूसरी पार्टी पर मेहरबानी, पीड़ित पत्रकार के लिए लटकी रिपोर्ट?**

राजपूत ने खुलासा किया कि 7 सितंबर को पड़ोसियों के साथ हुई मामूली कहासुनी के बाद सौरव नामक युवक ने अपने हथियारबंद साथियों के साथ पत्रकार विशाल शर्मा के घर में घुसकर दातर से घातक हमला किया, जिससे उसकी बांह पर गंभीर चोटें आईं।

हैरानी की बात यह है कि अस्पताल पहुंचकर MLR के लिए आवेदन देने के बावजूद विशाल शर्मा की रिपोर्ट दबाकर रख ली गई है, जबकि हमलावर पक्ष की मेडिकल रिपोर्ट चुपचाप जारी भी कर दी गई। सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में बैठे बिचौलिए और दलाल इलाज और कानूनी कार्रवाई की रिपोर्ट की भी बोली लगा रहे हैं?

**वीडियो लीक: पुलिस अधिकारी का डॉक्टरों पर दबाव?

मामले में एक और बड़ा धमाका तब हुआ जब घटना वाले दिन अस्पताल का एक वीडियो सामने आया। आरोप है कि इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी मेडिकल प्रक्रिया में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करता और मेडिकल कार्रवाई को प्रभावित करता दिखाई दे रहा है। एसोसिएशन का सीधा आरोप है कि यदि MLR तैयार है तो इसे दबाकर रखने का मकसद पुलिस की FIR प्रक्रिया को कमजोर करना और दोषियों को बचाना है।

**प्रशासन को आखिरी चेतावनी: आर-पार के संघर्ष का ऐलान**

एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह मसोण ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में चल रही गंदी राजनीति और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि:

* प्रशासन तुरंत मेडिकल रिकॉर्ड और वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच करवाए।

* विशाल शर्मा की MLR बिना किसी देरी के जारी की जाए।

* जानबूझकर रिपोर्ट रोकने वाले डॉक्टरों, कर्मचारियों और हस्तक्षेप करने वाले पुलिस अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो।

यदि प्रशासन ने जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की तो पत्रकार भाईचारा सड़कों पर उतरकर विभागीय भ्रष्टाचार के खिलाफ तीखा मोर्चा खोलेगा।###USA###UK###CANADA###PUNJAB###AMRITSAR###CHANDIGARH###AUSTRALIA###SINGAPORE###GERMANY###ITLAY###

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