एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
शिवसेना बाल ठाकरे के प्रदेश उप प्रमुख हरविंदर सोनी के खिलाफ सिख संगठनों में रोष है। उन पर आरोप है कि विवादित बयान देने का। मंगलवार सिख संगठनों ने सोनी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसएसपी दफ्तर गुरदासपुर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि जब तक सोनी को मामला दर्ज कर गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। उधर, शाम खबर लिखे जाने तक सिख संगठनों का धरना जारी था। इस दौरान एसएसपी दीपक हिलोरी ने सिख संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने का विश्वास दिया लेकिन संगठनों के प्रतिनिधि सोनी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
वहीं दूसरी और शिवसेना के पंजाब राज्य प्रमुख योगराज शर्मा ने प्रेस को जारी बयान में बताया गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे व युवा सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य ठाकरे एवं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व राज्यसभा सांसद अनिल देसाई के दिशा निर्देशों पर हरविंदर सिंह सोनी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया गया है।
सार्वजनिक तौर पर माफी मांग चुके है हरविंदर सोनी
हालांकि इससे पहले शिवसेना नेता हरविंदर सोनी ने बयान जारी कर इस मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उनका कहना है कि बंद के दौरान गलती से उनकी तरफ से विवादित बयान निकल गया था। वह खुद श्री दरबार साहिब में पूरी आस्था रखते हैं। वह गलती से दिए गए अपने बयान पर माफी मांगते हैं।
उधर, सिख संगठनों के प्रतिनिधि लवप्रीत सिंह तूफान और मनदीप सिंह ने बताया कि शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या के विरोध में दी गई पंजाब बंद की कॉल के दौरान शिवसेना नेता सोनी ने विवादित बयान दिया था। इसके चलते सिख समुदाय में रोष है। इसके विरोध में एसएसपी दफ्तर गुरदासपुर के बाहर धरना लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान हिंदू संगठन भाईचारे को तोड़ने का प्रयास करने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी कुछ दिन पहले यह बयान दे चुके हैं कि अगर कोई किसी धर्म के खिलाफ गलत बयानबाजी करता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सोनी को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो संघर्ष को और भी तेज किया जाएगा। फिलहाल सिख संगठनों के प्रतिनिधि धरने पर बैठे हैं।
भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए: एसजीपीसी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सचिव ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सिखों के खिलाफ भड़काऊ शब्दों का उपयोग करने और भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने लिखा है, जिसे उन्होंने अमृतसर के डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल को सौंपा है।
प्रताप सिंह ने कहा कि हरविंदर सोनी नाम के शिवसेना नेता का श्री हरमंदिर साहिब जी पर फिर से हमला करने और सिखों को आतंकवादी कहने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। सिखों के धार्मिक स्थल श्री हरमंदिर साहिब जी को लेकर इस भड़काऊ बयान से सिखों में खासा रोष है। इसके अलावा शिवसेना के राहुल नाम के एक अन्य शख्स ने भी सिखों को धमकाते एक वीडियो जारी किया है।
उन्होंने कहा कि ये पंजाब के माहौल में अशांति पैदा करने वाले बयान हैं, जिससे यहां रहने वाले लोगों का आपसी भाईचारा, शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने का खतरा है। उन्होंने मांग की है कि इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

