वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर।

अमृतसर के अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) पर मंगलवार सुबह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रभारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मक्खन के रूप में हुई है, जिसे चार गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से छह खाली खोखे बरामद किए हैं और हमलावर की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह घटना दो निजी बस कर्मचारियों के बीच पहले यात्रियों को चढ़ाने को लेकर हुए तीखे विवाद के कारण हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि यह बहस काफी देर से चल रही थी, जिसके बाद गुस्से में आकर एक कर्मचारी ने बंदूक निकालकर गोली चला दी। गोलीबारी के तुरंत बाद हमलावर फरार हो गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रारंभिक कारण बस के समय और यात्रियों को प्राथमिकता पर चढ़ाने को लेकर हुआ झगड़ा था। एसीपी गगनदीप सिंह ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुँच गईं और इलाके की घेराबंदी कर दी। आरोपी कर्मचारी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।

घटना के तुरंत बाद, बंबीहा समूह ने जिम्मेदारी ली। डोनी बल, अमर खब्बे, प्रभ दासूवाल, मोहब्बत रंधावा और कौशल चौधरी से जुड़े अकाउंट्स ने पोस्ट किया कि मारा गया कर्मचारी कथित तौर पर जग्गू भगवानपुरिया का करीबी था और उसने मंदीप तूफान और मनी बुलाड को पनाह देने में मदद की थी। उन्होंने दावा किया कि यह हत्या उनके साथियों की मौत का बदला लेने के लिए की गई थी। गिरोह ने आगे चेतावनी दी कि जिन अन्य लोगों ने कथित तौर पर वाहन और सहायता प्रदान की थी, उन्हें “जल्द ही परिणाम भुगतने होंगे” और “जग्गू के गिरोह के कुकृत्यों” का बदला लिया जाएगा।

