आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का पैंतरा लगता खुद के लिए ही उल्टा पड़ता नजर आ रहा हैं। ऐसा, इसलिए, क्योंकि सत्ताधारी पार्टी के खुद के कई नेता इस नशे के कारोबार में डूबे हैं। हाल ही में तरनतारन का आप नेता करोड़ों के नशे सहित गिरफ्तार हुआ, फिर ताजा मामला अमृतसर के मेहता क्षेत्र से सामने आया, जब विधानसभा क्षेत्र मजीठा का एक आप सरपंच करोड़ों के नशे तथा हथियारों सहित गिरफ्तार हुआ। कथित नेता की दिल्ली से लेकर पंजाब के बड़े नेताओं के साथ बेहद करीबी होना, इस बात का सबूत सोशल मीडिया में वायरल हो रही तस्वीरें दे रही हैं। खैर, पुलिस सरकार की साख बचाने के लिए अब उसने (पुलिस) खुद मोर्चा संभाल लिया हैं। वह साफतौर पर कथित नेता का किसी राजनीति पार्टी से ताल्लुक होने की बात को फिलहाल सिरे से नकार रही हैं।

डिजिटल मीडिया के युग में कोई सच्चाई छुपाना इतना आसान नहीं माना जा सकता है, क्योंकि रोचक खबरों को लेकर अधिकतर नेता तथा युवा वर्ग सोशल मीडिया के साथ निरंतर जुड़ा रहता हैं। पल-पल की अपडेट एक-दूसरे के साथ शेयर करने में बिल्कुल ही चूक नहीं करते हैं। ऐसे में यह सवाल पैदा होता है कि सरकार या फिर पुलिस को क्या लगा कि वे इस मुद्दे को छुपा लेंगे, नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं लगता हैं, क्योंकि हालात सरकार के विपरीत जा सकते है। वैसे भी, विपक्ष तो पहले से ही किसी न किसी मुद्दे को लेकर वर्तमान आप सरकार को घेरने में कोई अवसर नहीं खो रही हैं। लेकिन, इन परिस्थितियों से लगता है आप सरकार को फिर से विपक्ष बैकफुट पर धकेल सकती हैं।
अफवाहों का बाजार इस बात पर गर्म है कि जिस नेता की गिरफ्तारी हुई है, वह दिल्ली दरबार से लेकर पंजाब के आप नेताओं का खासा करीब था। किसी मुद्दे को लेकर वह उनके समक्ष काफी गर्मजोशी से उठाया करता था। ऐसी ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरे, इन बातों का पक्का सबूत दे रही है। जब बात सरकारे-दरबारे की आ जाए तो पुलिस को भी सरकार की वो हर बात मानने के लिए मजबूर होना पड़ जाता है, जो चाहे सिस्टम के खिलाफ क्यों न हों। इतिहास इस बात का साक्षी रहा है कि सरकार ने हमेशा ही पुलिस को अपनी कठपुतली समझा हैं। इसलिए वे उन्हें अपने हर इशारे पर नचाती हैं। इस केस में भी यहीं सब कुछ होता हुआ दिखाई दे रहा हैं।
प्रधान संपादक विनय कोछड़.(एसएनई न्यूज़)

