वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर.गजियाबाद।
2 नाबलिग शादी-शुदा जोड़े पवन नगर क्षेत्र से पुलिस ने बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई उत्तर-प्रदेश के गजियाबाद पुलिस की शिकायत पर की गई। इस केस में 2 लोगों को हिरासत में लिया गया। पूरे केस को लेकर पुलिस के बयान का विरोधाभ्यास रहा। गजियाबाद पुलिस को सूचित कर दिया गया। इस बात की पुष्टि, डीसीपी क्राईम ने की। किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई हुई, इस बारे कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
जानेंगे..आखिर क्या था पूरा मामला
दरअसल, 3 दिन पहले 2 नाबलिग जोड़े घर से भाग गए। दोनों के परिवार ने गजियाबाद पुलिस को इस बारे सूचित किया। भागने के उपरांत अमृतसर में शादी कर ली। किसी प्रापर्टी दलाल की मदद से उन्होंने एक किराए का कमरा भी ले लिया। सोमवार इनमें एक नाबलिग जब किसी दुकानदार से रिचार्ज कराने के लिए गया तो गजियाबाद पुलिस ने पता ट्रेस कर लिया। यह पता पंजाब के अमृतसर में स्थित पवन नगर क्षेत्र का पाया गया।
गजियाबाद पुलिस ने थाना मोहकम्मपुरा से संपर्क किया तथा उन्हें लोकेशन के बारे साझा किया। पुलिस ने दोनों जोड़ों को पकड़ कर थाना ले आई। पता चला कि 2 अन्य व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया।
इस बीच पुलिस के बयान का विरोधाभ्यास रहा
इस पूरे मामले को लेकर जब पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने पहले न पता होने के बारे बताया। लेकिन, कुछ समय उपरांत पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने माना कि 2 बच्चे वहां से भागे है, गजियाबाद पुलिस उनके संपर्क में हैं, जल्द ही वे अपने एक टीम के साथ अमृतसर पहुंच रहे है। यहां पर हैरान करने वाली बात तब सामने आई, जब एसीपी ईस्ट आईपीएस अनुभव जैन से संपर्क किया तो उन्होंने इस मामले की नहीं जानकारी होने का हवाला देते कहा कि थाना मोहकम्मपुरा प्रभारी से बात करके पता करते है।
..कुछ अनसुलझे सवाल
आखिर, पुलिस इस मामले को लेकर क्यों पूरे तथ्य को छुपाती रही।एक डीसीपी स्तर के अधिकारी के पास मामले की जानकारी होने के बावजूद एसीपी ईस्ट को नहीं इस मामले के बारे पता नहीं थाथाना मोहकम्मपुरा के थाना प्रभारी से बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने फोन क्यों नहीं उठाया। मान लिया जाता है वह उस समय व्यस्त हो सकते है , लेकिन, उन्होंने दोबारा फोन करना मुनासिफ क्यों नहीं समझाइन सब तथ्यों का निष्कर्ष निकाला जाए तो इस बात का संकेत मिलता है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर लगता है दाल में कुछ काला था, जिस वजह से पुलिस ने मामले को लेकर पूर्ण सहयोग देना ठीक नहीं समझा।
..इस केस में कार्रवाई क्यों नहीं हुई
इस पूरे प्रकरण में 2 लोगों के खिलाफ कार्रवाई होना लजिमी बनता था। ये वो लोग थे, जिन्होंने चंद पैसों के खातिर इन नाबलिग जोड़ो को उन्हें संरक्षण देने में पूरी मदद की। कानून के मुताबिक, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बनती है, लेकिन, पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर , इस बात का संदेश दे दिया कि दाल में कुछ काला है।

