लेखक राजेश शर्मा.अमृतसर।
चुनाव की पिच पर हर कोई टीम जीत हासिल करने के लिए पूरा-पूरा जोर लगा रही है। प्रत्याशियों की टीम ने अपनी-अपनी वार्ड में मोर्चा संभाल लिया है। टीम का हर खिलाड़ी अपने कप्तान की साख बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस समय वार्ड नंबर-25 के आम आदमी पार्टी (आप) के (पवन ठाकुर तथा प्रिया ठाकुर दंपत्ति) की खूब चर्चा हो रही है। क्योंकि, आप का यह सबसे होनहार हीरा माना जा रहा है। जिन्होंने पहले ही पार्टी को बोल दिया है कि जीत पक्की है। लेकिन, उन्हें टक्कर देने वाले मैदान में 2 और शेर भी है, जिनमें एक ने पिछली पारी में छक्का जड़ कर सभी को चौंका दिया था। इस बार हवा में कुछ परिवर्तन तो जरुर है, लेकिन, हवा का रुख किस दिशा की तरफ मुड़ जाएं, उसका अभी अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। खैर, मतदाताओं की नब्ज टटोलने में तीनों शेर पूरा पूरा जोर लगा रहे है। हर कोई यह उम्मीद बांध कर बैठा है कि उनकी जीत लगभग संभव है। 21 दिसंबर की शाम ही तय करेंगी किस ने इस बार अंतिम समय पर छक्का लगाकर जीत को आसान कर दिया।
ठक-ठक कर निकले ठाकुर दंपत्ति (आप) की टिकट पर वार्ड नंबर 25 से चुनाव लड़ रहे है। पवन ठाकुर आप के संगठन में एक मजबूत साख रखते है, इसलिए, टिकट देने में संगठन ने ही सबसे पहले पहल की थी। अन्यथा, एक सीएम का खास नेता किसी अन्य को टिकट देने का इच्छुक था। चर्चा , इस बात की भी है कि उस नेता की संगठन ने बाद में खूब खरी-खोटी सुनाई थी। क्योंकि, मामला संगठन की साख से जुड़ा था। ऊपर से रिश्वत लेकर एक कांग्रेसी को टिकट देने का इच्छा जता रहा था। खैर, अब तो पिच में खेलने के लिए ठाकुर दंपत्ति पूरे जोर-शोर से उतर चुका है। कयास इस बात के भी लगाए जा रहे है कि ठाकुर के लिए जीत इतना आसान भी नहीं होगा। क्योंकि, तजुर्बेदार प्रत्याशी कुछ अलग रणनीति बनाकर उन्हें हराने के लिए प्रयास कर रहे है। ठाकुर के साथ महिला, युवाओं का काफिला इस बात का प्रमाण बन रहा है कि उनके लिए जीत बेहद करीब है। लेकिन, मतदाता की खामोश आवाज की गूंज क्या कह रही है, इस बारे कयास लगाना भी अभी इतना आसान नहीं है, क्योंकि, मतदाता फिलहाल, हर पार्टी के प्रत्याशी की बात को बड़े ध्यान से सुन रहा है। जीत का सेहरा किस प्रत्याशी को डालने का फैसला किया है, इस बारे अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि, मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है।
चर्चा, इस बात की भी चल रही है कि ठाकुर जी ने पिछले डेढ़ वर्ष से वार्ड में मोर्चा संभाल कर रखा है। महिला विधायक का बेहद करीबी है। इसलिए वार्ड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। टाइल्स लगाने से लेकर दूधिया रोशनी वाली लाइट लगवाने में ठाकुर नेता जी का काफी सहयोग रहा है। चर्चा चल रही है कि इस बारे उन्हें टकसाली कांग्रेसियों का भी साथ मिल रहा है। उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खुलकर मैदान में प्रचार कर रहे है। क्योंकि, वे लोग छक्का जड़ने वाले पंजा नेता (कांग्रेस) से नाराज चल रहे है। पता चला है कि पंजे वाले नेता ने कांग्रेसियों को मनाने का एक बार भी कोशिश नहीं किया, इसलिए ठाकुर जी को चुनाव में इस बात का भी फायदा मिल रहा है। ठाकुर जी की टीम ने हर मोर्चे में कमान संभाल ली है, जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह जीत की ओर बढ़ रहे है। उधर विपक्षी पार्टियों के प्रत्याशियों ने भी भीतरघात मत को सेंध लगाने के लिए एक मास्टर स्ट्रोक खेला है, उसके लिए ठाकुर जी खास लोगों को तोड़ने के लिए काम आरंभ कर दिया। अब वक्त की दिशा तय करेंगी कि ठाकुर जी के बेहद करीबी अंतिम समय तक उनकी ढाल बने रहते है या फिर दूसरे की झोली में आ गिरते है। इस बात का हेरफेर जीत बदलने में काफी सहायक सिद्ध हो सकता है।

