”दीवाली पर अनूठी पहल……संत समाज से जुड़े जरुरतमंदों को बांटे कंबल……नशे के दलदल से दूर रहने की दी सीख”

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पवन कुमार.अमृतसर। 

दीपों का त्यौहार दिवाली मंगलवार को देश ही नहीं विदेश में भी पूरी धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह त्यौहार बुराई का अंत तथा अच्छाई का प्रतीक माना जाता है। पंजाब के प्रसिद्व समाज सेवक इंद्रजीत सिंह उदासीन ने अनूठी पहल करते हुए असहाय तथा जरुरतमंदों को कंबल वितिरित कर समाज में एक अच्छी उदाहरण पेश की। उदासीन के मुताबिक, देश के कई हिस्सों से पहुंचे साधु-संतो समाज से जुड़े जरुरमंद को मिलाकर 500 के करीब कंबल बांटे गए। जनता के नाम संदेश जारी करते सिंह ने कहा कि खासकर युवाओं को आज के दिन नशा त्याग कर अच्छे राह का प्रण लेना चाहिए, ताकि फिर से पंजाब की धरती शूरवीरों के नाम से कहलाई जाए। 

मंगलवार के दिन गुरुओं की नगरी अमृतसर में प्रसिद्व समाजसेवक इंद्रजीत सिंह उदासीन ने एनजीओ के सदस्यों सहित दीवाली के अवसर पर अनूठी पहल की। उन्होंने संत समाज से जुड़े जरुरतमंदों को ढूंढ कर उन्हें सर्दी में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए, इसके लिए उन्हें कंबल वितरित किए। 

सिंह ने कहा कि यह उनके जीवन का एक स्वप्न था कि दीवाली तो हर कोई मनाता है, लेकिन, दूसरों के दर्द या फिर उसकी कमी को कोई पूरा नहीं करता है। इसके लिए , ”मैनें अपने कुछ साथियों के साथ कुछ दिन पहले परामर्श किया कि क्यों न इस बार दीवाली पर कोई अनूठी पहल की जाए ? सब ने एक मत होकर संत समाज से जुड़े जरुरतमंदों को कंबल वितरित करने का फैसला लिया। आज यह काम पूरा हुआ तो काफी अच्छा लग रहा है। लेकिन, दुख इस बात का भी है कि पंजाब की अधिक संख्या में युवा पीढ़ी नशे के दलदल में फंस चुकी है। इसके लिए सरकारों का कदम कोई खास नहीं है, जो एक प्रकार से समाज में गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने यूथ से अपील करते कहा कि जो भी इस नशे में फंस चुके है, उन्हें आज के पवित्र दिन नशा त्यागने का प्रण लेना चाहिए और साथ ही एक सोच रखें कि वे भविष्य़ में कभी नशा नहीं करेंगे।”

इस अवसर पर रवि जौहड़ा, गौरा थैरपी केंद्र ने विशेष योगदान दिया। 

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ALLEGATION..मेयर साहब ने…..अमृतसर का किया बेड़ागर्क—इंद्रजीत सिंह उदासीन

इंद्रजीत सिंह ने लाइव होकर एक वीडियो जारी करते हुए शहर के मेयर पर तीखा हमला बोलते कहा कि क्षेत्र का पूरी तरह से उन्होंने बेड़ागर्क कर दिया है। सबसे पवित्र त्यौहार दीवाली तथा सिखों का बंदी छोड़ दिवस होने के बावजूद शहर के चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हैं। बड़ी शर्म की बात है कि सत्ता में उनकी सरकार है, फंड की कोई कमी नहीं, इसके बावजूद पवित्र गुरुनगरी कचरे के ढेर पर खड़ी है। आरोप लगाया कि शहर के विकास के लिए निगम को प्रदेश तथा केंद्र द्वारा बहुत बड़ा पैकेज जारी किया, उसके बावजूद विकास पर एक फुटी कौड़ी भी नहीं लगाई। देखा जाए तो यह प्रकार से जांच का विषय है। उन्होंने राज्य तथा केंद्र सरकार से मांग करते कहा कि इस विष्य पर एक निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि जांच में अवश्य बड़ा घोटाला सामने आएगा। 

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