AMRITSAR…कौन है आतंकी जावेद….पंजाब में कौन सी बड़ी वारदात को देना था अंजाम…AMRITSAR से क्या था ताल्लुकात, समझिए, इस रिपोर्ट में….?

C.I. ASR 2.4.25.

पवन कुमार.अमृतसर/ चंडीगढ़। 

काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) एजेंसी से जुड़े एक ऑपरेटिव की गिरफ्तारी के साथ राज्य में संभावित आतंकी हमले को टाल दिया है और उसके पास से एक हथगोला बरामद किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)  गिरफ्तार आरोपी की पहचान जयवीर त्यागी उर्फ ​​जावेद के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश (यूपी) के सहारनपुर के गांव बरौली का रहने वाला है और फिलहाल लुधियाना में रह रहा है। इस बात की पुष्टि, पंजाब पुलिस निदेशक,गौरव यादव ने की। 

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि सीआई अमृतसर की टीमों को एक इनपुट मिला था, जिसमें बताया गया था कि विदेश में रहने वाला व्यक्ति सेलम, जो पाक-आईएसआई एजेंसी के लिए काम कर रहा है, अपने चचेरे भाई जयवीर त्यागी के साथ मिलकर राज्य की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए विभिन्न शहरों में आतंकी हमलों के जरिए सरकारी ढांचे को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है। 

इनपुट से यह भी पता चला कि जयवीर त्यागी ने अमृतसर के इलाके से हैंड ग्रेनेड की खेप भी बरामद की है और वह अमृतसर में तारा वाला पुल के पास अपने अन्य साथियों के किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वसनीय इनपुट पर तेजी से कार्रवाई करते हुए सीआई अमृतसर की पुलिस टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया और आरोपी जयवीर त्यागी के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। 

डीजीपी ने कहा कि आगे की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी जयवीर पिछले 14-15 सालों से लुधियाना में रह रहा था और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए सेलम के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि सेलम के निर्देश पर आरोपी जयवीर ने ग्रेनेड खरीदा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे और पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है। अमृतसर के पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) में आर्म्स एक्ट की धारा 25, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 (2) और 111 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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