वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर।

पंजाब के अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के युवा नेता मुखविंदर सिंह को गोलियों से भून डाला गया है। वह पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं। अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग की है। यह घटना मजीठा के गांव मरड़ी खुर्द में उस वक्त हुई जब वह अपनी भतीजी को कॉलेज छोड़ने के लिए बस स्टैंड पहुंचे थे। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। वैसे , इस मामले को लेकर अमृतसर ग्रामीण पुलिस एकदम नालायक साबित हुई। सवाल उठ रहे है कि कैसे पुलिस के शासनकाल में एक बड़े नेता पर जानलेवा हमला हो गया।
जानकारी के अनुसार, भतीजी को बस में चढ़ाकर जैसे ही मुखविंदर सिंह घर लौटने लगे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार 3 युवक वहां पहुंचे और उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। मुखविंदर सिंह को पांच गोलियां लगी हैं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की है।
वहीं, मुखविंदर सिंह के परिवार ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और इंसाफ की मांग की है। उन्होंने बताया कि मुखविंदर खेती बाड़ी के साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं और किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। मुखविंदर सिंह पार्टी के वरिष्ठ बिक्रम सिंह के मजीठिया के करीबी माने जाते हैं।

