वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
भ्रष्टाचारी पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। यह मामला पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) वविंदर महाजन के खिलाफ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने किया।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि महाजन ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गोखल मार्ग के अखिल जयसिंह से 45 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। यह रिश्वत हिमाचल प्रदेश के बद्दी में स्थित एक फर्म से भारी मात्रा में दवा जब्त किए जाने के मामले में उन्हें क्लीन चिट देने के लिए ली गई थी।
इस मामले में डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच के दौरान अखिल की महाराष्ट्र के पालघर स्थित फर्म एस्टर फार्मा का नाम सामने आया था। यादव ने कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चला है कि महाजन ने अखिल को कानूनी परिणामों से बचाने के लिए उससे 45 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।” उन्होंने कहा कि महाजन भ्रष्ट आचरण में लिप्त होकर दवा आपूर्तिकर्ताओं का समर्थन कर रहे थे। 2 ड्रग इंस्पेक्टरों के बयानों के बाद महाजन और अखिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

