AMRITSAR-REPORT..हवस का भूखा था ये दरिंदा पिता….अपने बेटी को भी नहीं छोड़ा…अदालत ने सुनाया ऐसा फैसला….अब मरते दम तक सड़ेगा जेल में..?

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SNE NETWORK.AMRITSAR.

अमृतसर की अदालत मानवता को शर्मसार करने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एक ऐसा पिता, जिसे अपनी बेटी की ढाल बनना चाहिए था, वही उसका सबसे बड़ा दुश्मन बन गया। अमृतसर की पॉक्सो-कम-फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले दोषी को ‘प्राकृतिक जीवन के अंत’ यानी मरते दम तक जेल की सजा सुनाई है।

यह मामला अमृतसर के थाना खलचियां के अंतर्गत आने वाले गांव डेनियाल का है। दोषी की पहचान सतनाम सिंह उर्फ मन्नू के रूप में हुई है। अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार दोषी पिछले दो सालों से अपनी ही मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बना रहा था।

घटना का खुलासा 17 जुलाई 2024 को हुआ, जब पीड़िता की मां घर पर मौजूद नहीं थी। उस दिन दोषी ने न केवल अपनी बेटी के साथ जबरदस्ती की, बल्कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की। आरोपी ने मासूम को धमकी दी थी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा। लेकिन आखिरकार कानून के हाथ उस तक पहुच ही गए।

एडिशनल जिला एवं सेशन जज (अमृतसर) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी सतनाम सिंह को बी.एन.एस. की धारा 65(2)/64(1) और पोस्को एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। दोषी को न केवल आजीवन कारावास (मरते दम तक) की सजा सुनाई गई है, बल्कि उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

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