AMRITSAR-VIRAL-VIDEO…नशे में झूलता युवक…….सही से खड़ा भी नहीं हो पा रहा…….लो, जी, हो गया पंजाब की जवानी का बेड़ा-गर्क……?

DRUGGED-YOUTH-IMAGE

वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर। 

नशा पंजाब की जवानी को बिल्कुल ही तबाह कर चुका हैं। पंजाब का हर-दूसरा-तीसरा युवा सूखा नशा करने का आदी हो चुका है। हालात इतने बदतर हो चुके है कि नशा करने वाला युवा अपने पैरों पर भी खड़ा नहीं हो पा रहा है। ताजा मामला, पंजाब के अमृतसर के थाना क्षेत्र मकबूलपुरा का सामने आया हैं। एक वीडियो शनिवार देर रात को सोशल मीडिया पर खूब तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो का सत्यापन किया गया तो पता चला है कि इस वीडियो को एक महिला अधिवक्ता ने बनाया। वीडियो बनाने वाली महिला अधिवक्ता का नाम सिमरनजीत कौर था। वीडियो में वह नशे में डूबी पंजाब की जवानी को कोसते हुए नजर आई।

सुनिए, इस वीडियो में महिला अधिवक्ता ने क्या कहां…….?

महिला अधिवक्ता वीडियो में कह रही है कि यह वीडियो थाना मकबूलपुरा क्षेत्र के अधीन की हैं। यहां पंजाब की जवानी नशे से खत्म हो रही है, धुत हो रही हैं। यह थाना मकबूलपुरा का एरिया हैं। यह वीडियो ब्रिज के नीचे की हैं। ये देखो, पंजाब की जवानी का हाल, ये देखो, फोकल प्वाइंट एरिया के समीप का है मामला, नशे में डूब रही है पंजाब की जवानी, बेड़ा गर्क हो रहा पंजाब की जवानी का।   

नशे के लिए है सबसे बदनाम क्षेत्र

बताया जाता है कि मकबूलपुरा के अधीन कई क्षेत्र नशे के कारण बदनाम माने जाते हैं। कई बार यहां पर पुलिस ने बड़े स्तर सर्च अभियान चलाकर बड़े-बड़े नशे के कारोबारियों को गिरफ्तार किया। लेकिन, फिर भी नशे का धंधा जहां से पूरी तरह से खत्म नहीं हो पा रहा है। जो युवा नशा करते है, उन्हें यहां से नशे की पूर्ति हो रही हैं। ऐसे में पुलिस को इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि, अगर सोशल मीडिया में नशे करने वालों का वीडियो प्रसारित होता है तो उससे पुलिस की साख पर भी असर पड़ता है। अब देखना होगा कि खबर प्रकाशित होने के उपरांत कितनी देर में हरकत में आती है।

नशे के खिलाफ सरकार है सख्त

उधर, राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूर्ण तौर पर सख्त है। उसने पुलिस को खासतौर पर कह रखा है कि नशा राज्य में बिल्कुल खत्म हो जाना चाहिए। अगर किसी जिला या क्षेत्र की पुलिस नशा खत्म करने में असफल रहती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एक दिन पहले अमृतसर ग्रामीण को सस्पेंड करना इस बात का बड़ा संकेत माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक, वह अपने क्षेत्र में अपराध कम करने में असफल साबित हुए थे, तभी उन्हें सस्पेंड किया गया है। अब देखना होगा इस मामले में पुलिस अधिकारी क्या बड़ी कार्रवाई करते हैं। 

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