लेखक विनय कोछड़.अमृतसर।
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि इस बात का यहीं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों उन्होंने एक बजरी के बड़े कारोबारी के यहां लाखों की चोरी तथा एक पेट्रोल पंप को लूट का शिकार बनाने का प्रयास किया। बजरी वाली फैक्ट्री में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम देने में कामयाब रहें,जबकि, पेट्रोल पंप के कारिंदे से लाखों का कैश छीनने में नाकाम साबित हुए। इसके पीछे कारिंदे की जांबाजी सामने आई, जिसने वारदात को अंजाम देने वाले के समक्ष खड़ा होकर बहादुरी से सामना करते हुए, उन्हें खाली हाथ भागने के लिए मजबूर किया। हैरानी की बात है कि पेट्रोल संचालक द्वारा करिंदे की प्रशंसा करने की बजाय उसे फटकारा गया। फिलहाल, वारदात की वीडियो सोशल मीडिया में खूब तेजी से प्रसारित हो रही है। पुलिस द्वारा जांच करने का भरोसा दिय़ा जा रहा है। मामला, 16 दिसंबर की शाम 6 बजे का बताया जा रहा है। किसी न किसी तरीके से इन वारदातों को लेकर पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। पुलिस जांच करने का भरोसा देकर किसी भी तथ्य पर पहुंचने का आश्वासन नहीं दे रही है। वारदात , पठानकोट-अमृतसर हाइवे के ग्लोबल कॉलेज के पास स्थित एक कांग्रेस के बड़े नेता के पेट्रोल पंप की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 10 दिसंबर की देर सायं सवा छह बजे कांग्रेस के बड़े नेता की पेट्रोल पंप पर एक बाइक सवार 3 युवक पेट्रोल भरवाने के लिए ठहरते है। वह लगभग 100 रुपए के करीब पेट्रोल भरने के लिए पंप के करिंदे को बोलते है। वह जब पेट्रोल बाइक का भर देता है तो चालक के साथ तीसरा (अज्ञात बदमाश) पिस्टल बाहर निकाल कर उसे दिखाकर नकदी छीनने का प्रयास करता है, लेकिन, करिंदा पूरी जांबाजी के साथ उनका सामना करता है, जिसके बाद वे सभी (बदमाश) बाइक पर सवार होकर फरार हो जाता है। इनकी कायरना करतूत सीसीटीवी में कैद हो चुकी है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल, पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। वारदात, 16 दिसंबर की बताई जाती है। पता चला है कि बदमाशों की बाइक का नंबर भी नहीं था। इससे एक बात साफ हो जाती है कि बाइक भी चोरी की हो सकती है। फिलहाल, यह सब तब साफ हो पाएगा, जब पुलिस इन बदमाशों को गिरफ्तार कर लेती है।
इस बात का भी पता चला है कि बदमाशों की चाल यहां पर कामयाब नहीं हो पाई तो 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक बजरी की फैक्ट्री में देर रात 10-11 बजे धावा बोला। पता चला है कि तब वहां पर कोई नहीं उपस्थित था। इसलिए, उन्होंने वहां से लाखों की नकदी को चुरा लिया। सूत्रों से पता चला है कि फैक्ट्री मालिक एक पंजाब की बहुत बड़ी हस्ती है। उसके राजनीतिक तथा प्रशासनिक पहुंच काफी है, इसलिए पुलिस ने इस चोरी की वारदात को ट्रेस करने के लिए विशेष टीम गठित की। टीम हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों से इस बात की भी भनक लगी है कि वारदात को अंजाम देने वाले कुछ संदिग्ध बदमाशों की लोकेशन का भी पता चल चुका है। फिलहाल, अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। जांच टीम के एक सूत्र ने बताया कि पुलिस उनकी लोकेशन पर छापेमारी करने गई थी कि लेकिन, उन्हें पुलिस टीम का पूर्व में भनक लग जाने की वजह से वे फरार हो गए।
….लूटपाट करने वाले गिरोह का हाथ
जांच टीम के हाथ इस बात का बहुत बड़ा सबूत लगा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले एक लूटपाट गिरोह के साथ संबंध रखते है। प्राथमिक जांच में सामने आ रहा है कि इनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज है। एक प्रकार से ये लोग आपराधिक छवि से ताल्लुक रखते है। नशा के भी आदी होने के सबूत हासिल हुए है। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने दावा किया कि वह इस गैंग को पकड़ने के काफी करीब है, जल्द ही इस गैंग का पर्दाफाश कर अन्य अनसुलझे केस भी सुलझाए जा सकते है। क्योंकि, जांच में इस बात के भी उनके हाथ प्रमाण लगें है।
..तारीफ के बजाय फटकार
बताया जाता है कि पेट्रोल पंप में जिस नकदी छीनने का प्रयास हुआ था, उस दौरान यहां के एक कारिंदे रंजत ने बदमाशों का पूरी जांबाजी के साथ सामना किया था। वह झट ही इनकी हरकत को समझ गया तो उन्हें धक्का देकर भागने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि, एक बदमाश ने पिस्टल दिखाकर उसे डराने का प्रयास किया। लेकिन, उसने (कारिंदे) अपनी जान की न परवाह करते हुए उनके साथ डटकर मुकाबला किया। चूंकि, पता चला है कि पेट्रोल पंप कांग्रेस के एक बहुत नेता का है, इसलिए उसने कारिंदे की बहादुरी की प्रशंसा करने के बजाय उसे फटकारा। ऐसे में इस प्रकार के संचालकों को समझना होगा कि उन्हें कभी नहीं अपने कर्मचारियों के खिलाफ इस प्रकार का भेदभाव करना चाहिए, क्योंकि, यह लोग पेट्रोल पंप के लिए आन,बान,शान होते है। कम पगार लेकर भी अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए कूद पड़ते है। हमारा सभी पेट्रोल पंप के संचालकों से यही अनुरोध है कि वे इन जांबाज कर्मचारियों की दिल से कदर करें तथा जो मान-सम्मान के वे लोग हकदार है, उन्हें पूरी तरह से दिया जाना चाहिए।

