AMRITSAR…यहां पर रहना किसी नर्क से कम नहीं….ये है अमृतसर का गणपति इलाका, प्रशासन की नाकामी ने बच्चों-बूढ़ों को कर रखा है बीमार

WASTE WATER 1

…स्थानीय बाशिंदों की सीएम मान से गुहार, आपके विभाग ने तो कर दिए हाथ खड़े………..कृपया, हमारी समस्या पर भी करिए गौर…….।

वरिष्ठ पत्रकार.अमृतसर। 

यहां पर रहना किसी नर्क से कम नहीं माना जा सकता है। इलाका है पंजाब के अमृतसर में स्थित गणपति एस्टेट का। कुल आबादी 200 के करीब है। लगभग 50 घर है। लंबे समय से यहां के बाशिंदे दूषित पेय (सीवरेज पानी ) पीने को मजबूर है। पता चला है कि जमीन के भीतर सीवरेज की पाइप फट चुकी है। इस बात की पुष्टि, खुद विभाग ने की। समस्या का समाधान के बजाय विभाग के पास हाथे खड़े करने के अलावा कोई चारा नहीं है। मंजर यह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग प्रशासन की नाकामी की वजह से बीमार हो चुके है। वायरल तथा कुछ चमड़ी रोग से ग्रस्त हो चुके है। अब स्थानीय बाशिंदों ने एकजुट होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी समस्या पर गौर करिए तथा जल्द से जल्द निवारण करने का सरकारी आदेश जारी किया जाए। 

GUNPATI ESTATE RESIDENTS

सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि उक्त कालोनी को राज्य सरकार ने पुड़ा द्वारा अप्रूव्ड किया था। ऐसा होने की स्थिति में सरकार की खुद जिम्मेदारी बन जाती है कि अगर आवास दौरान कोई भी रहने वाले लोगों को समस्या आती है तो उन्हें हल करना उनकी (सरकारी दायरे) की प्राथमिकता बन जाती है। लेकिन, यहां की परिस्थितियां प्रतिकूल बयां करती है। क्षेत्र के गणपति एस्टेट संस्था (रजि) ने इस मुद्दे को काफी गंभीरता से लिया है तथा पूर्व में इस बाबत सभी अधिकारियों से लेकर सरकार तक एक पत्र भी जारी किया जा चुका है। पत्र संस्था के बड़े पदाधिकारी राकेश शर्मा ने साफतौर पर लिखा है कि यहां पर रहने वाले लोगों को दूषित पेय (सीवरेज पानी) पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार शिकायत दी। कर्मचारी तथा अधिकारियों की टीम मौके पर तो पहुंची , लेकिन हमेशा ही सीवरेज के भीतर पाइप फटने का हवाला देकर चली जाती है। 

GUNPATI ESTATE RESIDENTS SIGN-SNE

सवाल खड़ा करते शर्मा ने कहा कि अगर कॉलोनी पुड़ा अप्रूव्ड है  तो सरकार से लेकर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसका निवारण करें, नाकि समस्या के प्रति हाथ खड़ा कर दें। हालात तो यह बन चुके है कि 80 फीसद रहने वाले बीमार तथा चिकित्सा से जुड़ी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो चुके है। इनमें कुछ लोगों ने तो यहां से अपना निवास छोड़ कर बाहर जाने का भी विचार कर लिया है। वे लोग नहीं चाहते है कि भविष्य में उन्हें कोई बड़ी चुनौतियों से जूझना पड़े। सीएम मान से इस समस्या से उन्हें निजात दिलाने के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है। 

जानिए..असल में क्या है समस्या

दरअसल, कॉलोनी में सीवरेज के भीतर लगी पाइप फट चुकी है। अब पेय सीवरेज के दूषित पानी के साथ मिलकर लोगों के घर पहुंच रहा है। प्राथमिक समय में लोगों ने संबंधित विभाग को इस बारे शिकायत दी थी। विभाग ने पहले इसे ठीक कर दिया। लेकिन, कुछ समय उपरांत समस्या फिर पैदा होने लगी। दोबारा विभाग को सूचित किया। इस बार विभाग ने जांच पड़ताल की तो टीम को पता चला कि सीवरेज की पाइप फट चुकी है इसलिए पेय सीवरेज का दूषित पानी मिलकर लोगों के घर पहुंच रहा है। उधर, विभाग इस समस्या को बड़ा बता कर अपने सिर से पल्ला झाड़ रहा है। 

समझिए, क्यों है विकराल समस्या

दरअसल, पेय इतना दूषित हो चुका है कि यहां पर रहने वाले 200 लोगों में से लगभग 180 लोग कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हो चुके है। जांच रिपोर्ट में सभी में पाया गया है कि यह समस्या दूषित पानी की वजह से हुई। अगर परिस्थितियां इस प्रकार से रही तो लोगों की जान को खतरा भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विशेषज्ञ यह मानते है कि समस्या आने वाले समय में विकराल रूप धारण कर सकती है। इसलिए, सरकार को प्रशासन को एक आदेश जारी कर सख्ती से पालन करने की हिदायत जारी करनी चाहिए। अन्यथा अगर भविष्य में कुछ बड़ा होता है तो सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। 

किस-किस आयु को पहुंचा रहा ज्यादा नुकसान…इस रिपोर्ट में समझिए

बताया जा रहा है कि 0-12 आयु वर्ग के बच्चों को सबसे अधिक यह पेय नुकसान पहुंचा रहा है। परिवार के मुताबिक, उनके बच्चे कई दिनों से बीमार है। उल्टी , दस्त, जैसी बीमारी से वे बच्चे ग्रस्त है। उनकी बीमारी की वजह से अभिभावक काफी परेशान है। उनके मुताबिक, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं, बुजुर्गों (60-70 वर्ष) में भी इस दूषित पानी की वजह से काफी बीमार हो चुके है। उन्हें सांस लेने तथा बीपी की समस्या बढ़ने लगी है। पेट एकदम खराब है। शरीर में कमजोरी ज्यादा महसूस कर रहे है। ऐसे लोग यहां से पलायन करने का मन बना रहे हैं। 

पेय और सीवरेज का अंतर काफी कम है। समस्या को लेकर एसडीओ तथा जेई को एक नोटिस भेजा गया है। पानी की मेन सप्लाई काट दी गई है। लोगों को राहत देने के लिए सबमर्सिबल को चालू किया गया है। पूरी समस्या को एक नगर निगम की टीम द्वारा काफी गंभीरता से देखा जा रहा है। 2 दिन के भीतर इस समस्य़ा का हल कर दिया जाएगा। 

नगर-निगम अमृतसर एसई-संदीप। 

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