BIG-UPDATE…सीआईए का दरोगा क्यों निकला बेईमान…किस व्यापारी को कर रहा था ब्लैकमेल…आखिर, विजिलेंस ने क्यों बढ़ाया केस के लिए जांच का दायरा..?

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SNE NETWORK.BATHINDA.

CIA-1 ASI मंजिंदर सिंह पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद अब विजिलेंस ब्यूरो ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विजिलेंस की टीमें अब उस उत्तर प्रदेश (UP) नंबर की ब्रीजा गाड़ी की तलाश में जुटी हैं, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर व्यापारी को डराने-धमकाने के लिए किया गया था। इसके साथ ही एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे रिश्वत की मांग की गई थी।

धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग

यह मामला दो दिन पहले कॉस्मेटिक के होलसेल व्यापारी दुष्यंत बंसल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। व्यापारी के आरोपों के अनुसार, सीआईए-1 के पुलिसकर्मी उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। दबाव बनाने के लिए उसके घर पर अवैध रेड की गई। व्यापारी को डराने के लिए एक यूपी नंबर की ब्रीजा गाड़ी में बिठाया गया। व्यापारी ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए पुलिसकर्मियों की धमकियों और पैसों की मांग की रिकॉर्डिंग कर ली थी, जिसे विजिलेंस को सौंप दिया गया है।

अन्य कर्मियों से जुड़े होने का संदेह


विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जिस यूपी नंबर की गाड़ी और मोबाइल नंबर का जिक्र शिकायत में है, उनके तार सीआईए-1 के ही अन्य कर्मियों से जुड़े होने का संदेह है। सोमवार को विजिलेंस टीम परिवहन विभाग से उक्त ब्रीजा गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की पूरी डिटेल हासिल करेगी। यदि गाड़ी और मोबाइल नंबर विभाग के अन्य कर्मियों के निकले, तो इस मामले में सीआईए-1 के कई अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी विजिलेंस की जांच के घेरे में आ सकते हैं।

गिरफ्तारी के प्रयास जारी


भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।- विजिलेंस प्रवक्ता।

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