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नाबालिग छात्रा पंजाब के बठिंडा में चलती ट्रेन से गिर पड़ी। इस दौरान उसकी खोपड़ी में गहरी चोटें लगीं। एक गैरसरकारी संस्था (NGO) के लोगों ने लड़की को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया।लड़की ने बताया कि वह 10वीं कक्षा में 2 सब्जेक्ट्स में फेल हो गई थी। इसे लेकर उसके घर में टेंशन थी, इसलिए वह घर से निकल आई थी। बड़ी बात यह रही कि लड़की ट्रेन से गिरने के बाद पटरी पर करीब आधे घंटे पैदल चली। उसके सिर से खून टपक रहा था और वह चिल्ला-चिल्लाकर मदद मांग रही थी। पास की बस्ती में जाकर लोगों ने उसकी मदद की। NGO के सदस्यों ने लड़की के परिजन को उसकी सूचना दे दी। लड़की के परिजन उसे लेकर घर चल गए।

बठिंडा की उड़िया कॉलोनी में लड़की की मदद के लिए पहुंचे NGO के सदस्य और स्थानीय लोग।
बठिंडा में नौजवान वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने बताया कि उन्हें शनिवार रात करीब 10 बजे उड़िया कॉलोनी से सूचना मिली थी कि एक लड़की बुरी तरह घायल हुई है। जब टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि लड़की के सिर में चोट लगी थी। फौरन एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया, जिसमें लड़की को लेटाकर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान लड़की ने अपने बारे में और घटना के बारे में जानकारी दी।

लड़की को अस्पताल ले जाने के लिए आई एम्बुलेंस।
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लोगों को बताई अपनी कहानी
- घायल लड़की ने कहा कि वह ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा कर रही थी। बठिंडा स्टेशन से ट्रेन चलकर कुछ ही दूर पहुंची थी कि अचानक तेज हवा का झोंका आया। इससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन से गिर पड़ी। इस दौरान उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी। उसने चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन आसपास कोई नहीं था। इसके बाद वह अपना बैग उठाकर पैदल चल पड़ी। नाबालिग ने कहा कि उसने कोहरे में दूर एक हल्की रोशनी देखी। वह उसी की ओर बढ़ती गई तो उड़िया कॉलोनी के एक घर के पास पहुंची। वहां उसने मदद मांगी तो लोगों ने उसे सहारा दिया। इसके बाद NGO को सूचना देकर उसे अस्पताल लाया गया।

पटरी के किनारे गिरने के कारण लड़की के सिर में गहरी चोट लगी थी।
NGO के सदस्यों ने लड़की से उसके परिजन का फोन नंबर लेकर उन्हें सूचना दी। इसके बाद रात में उसके परिजन आए और लड़की को इलाज के लिए अपने साथ लेकर सिरसा चले गए।

