एसएनई नेटवर्क.फाजिल्का।
यहां पर मंगलवार को अनोखा तरीके से धरना प्रदर्शन देखने को मिला। मामला, पंजाब के जिला फाजिल्का से जुड़ा हैं। यहां जिलाधीश कार्यालय के गेट पर भट्ठा मजदूर सामान रखकर अपनी बकरियां बांध बच्चों के साथ थाली-चम्मच लेकर धरने पर बैठ गए हैं। मजदूरों का आरोप है कि भट्ठा मालिक ने उनके लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा है।
धरने पर बैठे प्रवासी मजदूरों ने बताया कि वह उत्तर-प्रदेश से यहां मजदूरी करने आए थे। उन्होंने 13 सितंबर 2022 को अबोहर के गांव खैरपुर स्थित एक भट्टे पर मजदूरी करना शुरू किया था। आरोप है कि जब उन्होंने यहां से घर वापस जाने की बात की तो भट्ठा मालिक ने बकाया देने पर टाल मटोल करना शुरू कर दिया। उन्होंने भट्ठा मालिक पर बंधुआ बनाने का आरोप लगाया।
वहीं, 8 वर्षीय बच्ची ने रो-रोकर अपना दुख व्यक्त करते कहा कि उन्हें यहां पर नहीं बिल्कुल रहना है। वे अब अपने घर जाना चाहते हैं। बच्ची के मुताबिक, भट्ठे पर उनके अलावा अन्य बच्चों से भी काम करवाया जाता है। उन्हें पढ़ने नहीं दिया जाता है।
इन लोगों ने यह लगाया आरोप
दलित दास्तां विरोधी आंदोलन संस्था के नेता एडवोकेट गगनदीप और सुखदेव सिंह ने कहा कि भट्ठा मालिक ने करीब 25 मजदूरों को उनके बच्चों समेत कथित बंधुआ मजदूर बनाकर रखा था। लिखित शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद फाजिल्का के एसडीएम और डिप्टी कमिश्नर व श्रम विभाग के अधिकारियों को लिखित में जानकारी दी थी।

