कारण-पिछले एक वर्ष से अधर में लटके जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण व जन्मस्थली को चौड़ा बाजार से सीधा रास्ता देने की प्रक्रिया में देरी
एसएनई नेटवर्क.लुधियाना।
पंजाब में स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह सोमवार को लुधियाना में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य मेहमान के रूप में शामिल होंगे। वहीं छोटी उम्र में ही देश पर मर मिटने वाले शहीद सुखदेव थापर के वंशजों ने इस कार्यक्रम के बायकाट करने का ऐलान कर दिया है।
इसके बाद अब प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है कि देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीद सुखदेव थापर के परिवार को कैसे मनाया जाए। शहीद के वंशजों ने राज्य स्तरीय समारोह का बहिष्कार पिछले एक वर्ष से अधर में लटके जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण व जन्मस्थली को चौड़ा बाजार से सीधा रास्ता देने की प्रक्रिया को बिना किसी कारण उलझाने के सरकारी प्रयासों के विरोध में किया है।
टेंडर लगा, काम अभी भी अधूरा
शहीद सुखदेव थापर के वंशज और शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक थापर ने सरकार की तरफ से स्वतंत्रता दिवस समारोह के मिले निमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से शहीद सुखदेव थापर की जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए 40 लाख की राशि जारी की गई थी। जो पिछली बार पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से शहीद सुखदेव थापर के लिए भेजी गई थी और नगर निगम लुधियाना ने टेंडर लगा कार्य शुरू भी कर दिया था, मगर काम अभी भी अधूरा है।
सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिज्ञों की शह पर नगर निगम अधिकारियों ने सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने शहीद की प्रतिमा को साक्षी मानकर दो माह में सौंदर्यीकरण का कार्य मुकम्मल करने के बाद सीएम भगवंत मान के हाथों उद्घाटन करने का भरोसा शहीद के वंशजों को दिलाया था। मगर मंत्री बैंस की तरफ से दी गई उक्त समय सीमा भी समाप्त हो गई और लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस में पंजाब के सीएम मान के शामिल होने के बावजूद शहीद की जन्मस्थली पर आने का कोई कार्यक्रम तय तक नहीं हुआ।
ऐसे में जब देश के लिए फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद सुखदेव के प्रति सरकार के दिल में कोई सम्मान नहीं हैं तो शहीद के वंशजों के सम्मान के तो मायने ही नहीं है। उन्होंने कहा जब तक शहीद सुखदेव को सम्मान नहीं मिलेगा उनके वंशज हर सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।

