वरिष्ठ पत्रकार.मोहाली।

पंजाब के मोहाली में कत्ल किए गए कबड्डी प्लेयर के मर्डर की प्लानिंग रूस में हुई। इसके बाद मास्टरमाइंड भारत आया। शूटर्स को हथियार और दूसरा लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया। जिसके बाद मोहाली में चलते टूर्नामेंट में राणा बलाचौरिया की हत्या कर दी गई।पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया ने बंबीहा गैंग के गैंगस्टरों का फोन नहीं उठाया था, यह फोन आर्मेनिया बैठे लक्की पटियाल या उसके साथी डोनी बल ने किया था, इसकी पुलिस जांच कर रही है। इसी से गुस्साए गैंगस्टरों ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मर्डर से लेकर हाइडआउट यानी कत्ल के बाद सबके छुपने के लिए परफेक्ट प्लानिंग की गई थी। अगर मास्टरमाइंड न पकड़ा जाता तो पुलिस को कातिलों को पकड़ने में समय लग सकता था। हालांकि मोहाली पुलिस ने विदेश फरार हो रहे मास्टरमाइंड को दबोच लिया तो सारा मामला खुलकर सामने आ गया। कबड्डी का सीजन, गैंगस्टर रुपया इकट्ठा करते हैं: मोहाली पुलिस की जांच में पता चला कि यह सीजन कबड्डी का है। इस दौरान कई जगहों पर कबड्डी के टूर्नामेंट होते हैं। इनमें गैंगस्टर मोटी फिरौती इकट्ठा करते हैं। यह फिरौती सिर्फ धमकी देकर ही नहीं बल्कि किसी टीम को टूर्नामेंट में खेलने या फिर खेलने से रोकने के नाम पर भी ली जाती है।

मोहाली पुलिस की जांच में पता चला कि सोहाना कबड्डी टूर्नामेंट में राणा बलाचौरिया की शकरपुर टीम भी खेल रही थी। बंबीहा गैंग चाहता था कि उसकी टीम इस टूर्नामेंट में न खेले। राणा की कबड्डी सबसे स्ट्रॉन्ग थी। इस दौरान बंबीहा गैंग ने राणा बलाचौरिया को टूर्नामेंट से बाहर रखने की कोशिश की। उसके मोबाइल पर कॉल की गई ताकि सीधे उसे धमकी देकर रोका जा सके। इसी दौरान बलाचौरिया अपनी शादी और रिसेप्शन में व्यस्त था। इसी वजह से फिर उसकी टीम के जरिए धमकी दी गई। मगर, राणा ने ज्यादा भाव नहीं दिया।

राणा बलाचौरिया ने बात नहीं मानी तो फिर बंबीहा गैंग ने मास्टरमाइंड एशदीप को रूस से इंडिया भेजा। एशदीप 25 नवंबर को इंडिया पहुंचा। पंजाब पहुंचने के बाद कत्ल की प्लानिंग शुरू कर दी। शूटर्स आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और करण पाठक को हायर किया। टूर्नामेंट में रेकी के लिए ग्राउंड सपोर्ट तैयार किया। हथियारों का इंतजाम किया। इसके बाद उनके छुपने का भी इंतजाम किया। शूटरों के लिए ठिकाना ढूंढा। रेकी करने वाले परमिंदर को विदेश ले जाने की तैयारी की।

पुलिस जांच के मुताबिक मास्टरमाइंड एशदीप ने सारी प्लानिंग होने के बाद 15 दिसंबर को मोहाली के सोहाना में राणा की हत्या का दिन तय कर दिया। इसके बाद उसने शूटर से लेकर ग्राउंड सपोर्ट को एक्टिव किया। फिर 14 दिसंबर को मस्कट जाने के लिए टिकट बुक करवा ली। 15 दिसंबर को मर्डर हुआ और 16 दिसंबर को एशदीप फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया। इस दौरान पुलिस भी नजर रख रही थी कि कत्ल से पहले कौन-कौन संदिग्ध पंजाब आया और फिर कत्ल के बाद कौन-कौन लौट रहा है। इसी से एशदीप पर पुलिस की नजर पड़ी और उसे दिल्न्ली एयरपोर्ट से पकड़ लिया गया।
मोहाली पुलिस ने एशदीप को अरेस्ट किया। उसके पूरे मॉड्यूल का राज उगलवाया। जिसमें पता चला कि अमृतसर का जुगराज सिंह और तरनतारन का परमिंदर भी उसके साथ शामिल है। पुलिस ने जुगराज को पकड़ लिया लेकिन परमिंदर को एशदीप ने अपने साथ रूस ले जाने का वादा किया था। मगर, एयरपोर्ट पर अरेस्ट होने के बाद एशदीप से उसका संपर्क नहीं हुआ। उलटा पुलिस को उसकी लोकेशन पता चला गया। पुलिस अंबाला हाईवे पर पहुंची तो जिगाना पिस्टल से फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।
एशदीप से मोहाली पुलिस अब शूटर्स के हाइडआउट यानी ठिकाने का राज उगलवा रही है। पुलिस को शक है कि एशदीप ने ही उन्हें छुपने की जगह मुहैया कराई। हालांकि मर्डर में कुल 6 लोगों का पता चला है। जिनमें से एक की मौत, 2 गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी 2 शूटर और एक अन्य आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। हत्या में इस्तेमाल बाइक व गाड़ी पुलिस बरामद कर चुकी है।

