वरिष्ठ पत्रकार.श्री मुक्तसर साहिब /चंडीगढ़।
पंजाब पुलिस पर शर्मनाक दाग लगाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गाज गिर गई। एसपी , डीएसपी रैंक के अधिकारियों सहित कुल 6 के खिलाफ श्री मुक्तसर साहिब थाना सदर में विभिन्न धाराओं के अधीन मामला दर्ज कर लिया गया। इस बात की पुष्टि, जिला पुलिस प्रमुख ने दी। फिलहाल, किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई। विभाग की तरफ से नौकरी से भी बर्खास्त किया जा सकता हैं। इस मामले की वजह से पुलिस विभाग तथा सरकार की खूब किरकिरी हुई। इसलिए, कड़ा संज्ञान लेकर जनता के बीच सरकार तथा विभाग ने अच्छा संदेश देने का प्रयास किया। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि मामला मानवाधिकार संगठन के पास भी पहुंच चुका हैं। पूरे प्रकरण को लेकर रिपोर्ट तलब भी कर ली।
कुछ दिन पूर्व नशा बेचने के आरोप में सीआईए स्टाफ की टीम ने एक युवक सहित अधिवक्ता को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि हिरासत में लेकर अधिवक्ता तथा अन्य युवक (जिस पर नशा बेचने के लगे आरोप) के मुंह में गुप्तांग डालने तथा सेक्सुअल हरासमेंट का संगीन आरोप लगा था। चूंकि, पीड़ित अधिवक्ता था। मामला, स्थानीय बार एसोसिएशन के समक्ष पहुंचा। उन्होंने पीड़ित के समर्थन में अदालत में पुलिस के खिलाफ अर्जी दायर की।
अदालत ने इस मामले को काफी गंभीरता से सुना। अदालत ने सख्त शब्दों में पुलिस को फटकार भी लगाई थी। कहा था कि मामला मानवाधिकार के खिलाफ हैं। पुलिस को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग को जांच के आदेश जारी किए। कहा गया कि कोई भी आरोपी पाया जाता है तो उसके खिलाफ मामला तत्काल दर्ज किया जाए।
उस दौरान मामले को लेकर पुलिस ने मीडिया के समक्ष पूर्ण रूप से चुप्पी साध ली। जिला पुलिस प्रमुख ने मामले की जांच-पड़ताल के लिए थाना सदर के प्रभारी को आदेश जारी किया। मामले में एसपी , डीएसपी रैंक , थाना प्रभारी सीआई स्टाफ सहित कुल छह कथित अपराधी पाए गए। जांच-रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी गई।
बताया जा रहा है कि कथित अपराधियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के अधीन मामला दर्ज कर लिया गया। किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई। नौकरी से कभी भी बर्खास्त किया जा सकता है।
अंत तक लड़ाई जारी रहेंगी
पीड़ित ने बताया कि उनके साथ सरासर धक्का हुआ। पुलिस ने अमानवीय तरीके से उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें विश्वास था कि अदालत से न्याय मिलेगा। फिलहाल, उनकी लड़ाई सजा दिलाने तक जारी रहेगी।

