SNE NETWORK.PATIALA.
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान व पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है। नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से कुछ घंटे पहले ही पार्टी छोड़ने का फैसला लिया और सोशल मीडिया पर एलान कर दिया कि अब व कांग्रेस के साथ नहीं रहेंगी। नवजोत कौर सिद्धू के पार्टी छोड़ने पर पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा कि अब नेताओं की कोई विचारधारा नहीं रही है, कोई भी किसी भी पार्टी में शामिल हो जाता है। उन्होंने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि सब जानते हैं कि देश को कौन गलत दिशा में ले जा रहा है और ऐसी पार्टियों से बचना चाहिए। हमने जब भी कहीं कोई बयान दिया है, पार्टी से सलाह-मशविरा करके ही दिया है।
चरणजीत सिंह चन्नी के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब में इतनी पॉलिटिकल उथल-पुथल है कि यह कहना बहुत मुश्किल है कि कौन कहां जाएगा, लेकिन मुझे लगता है कि चन्नी कांग्रेस में ही रहेंगे। कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर उन्होंने कहा कि यह साफ है कि कांग्रेस में गुटबाजी है और हम लगातार कोशिश कर रहे हैं और मैं एक बार फिर दिल्ली जाकर हाईकमान से इसे खत्म करने की रिक्वेस्ट करूंगा। अगर सिद्धू कपल भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापस आएंगे? उन्होंने जवाब दिया कि ये तो अब बंदूकें चल चुकी हैं। अब वे किसी पार्टी में शामिल हों या न हों, यह उनका वोट कैडर नहीं है और इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
बता दें कि नवजोत कौर को दिसंबर 2025 में ही पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। वजह थी उनकी विवादित बयानबाजी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद पाने के लिए ‘500 करोड़ रुपये का सूटकेस’ देना पड़ता है। पंजाब कांग्रेस के शहरी जिला प्रधान सौरव प्रधान बिट्टू ने भी उनके खिलाफ तीखे बयान दिए थे। नवजोत कौर सिद्धू पेशे से डॉक्टर हैं और पंजाब की राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू भी कांग्रेस में प्रमुख चेहरा रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में पार्टी से उनके रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। यह घटना पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है।

