मजदूरों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का मामला….एसएसपी ने दी सफाई, पुलिस ने नहीं की कोई लाठीचार्ज, स्थिति को सिर्फ किया नियंत्रित

एसएनई नेटवर्क.संगरुर। 

ग्रामीण व खेत मजदूरों पर हुई लाठीचार्ज के मामले में  संगरूर एसएसपी का बड़ा बयान आया हैं। उनके मुताबिक, पुलिस ने कोई लाठीचार्ज ही नहीं की। इतना जरूर कहा कि  प्रदर्शनकारियों के एक आक्रामक गुट ने हाथापाई की, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित किया है। हमने उनकी मांगों का संज्ञान लिया है। मगर वीडियो में हकीकत कुछ और ही बयां हो रही है। पंजाब के संगरूर में सीएम भगवंत मान के आवास के बाहर विरोध जताने पहुंचे मजदूरों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में कई मजदूर पुरुष व महिलाएं घायल हो गए हैं। खींचतान में कई मजदूरों की दस्तार भी उतर गई। रोष प्रदर्शन का नेतृत्व ग्रामीण व खेत मजदूर संगठन का साझा मोर्चा कर रहा था। 


इस दौरान पंजाब खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव लछमन सिंह सेवेवाला, मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब के प्रांतीय नेता मक्खन सिंह रामगढ़, कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के नेता रूप चंद चन्नों, देहाती मजदूर सभा के नेता प्रकाश नंदगढ़, पेंडू मजदूर यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष तरसेम पीटर के अलावा अन्य मजदूर नेता मौजूद रहे।

सीएम का शहर है संगरूर

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का गृह जिला संगरूर हैं। बुधवार को ग्रामीण व खेत मजदूर अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सीएम के आवास की तरफ कूच कर रहे थे। पुलिस को पता चला तो भारी संख्या में पुलिस के जवान खड़े कर दिए गए। इस बीच दोनों तरफ से तीखी बहस हुई। धक्का-मुक्की शुरू हुई तो पुलिस ने डंडे बरसाने आरंभ कर दिए। यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा हैं। फिलहाल, सीएम की तरफ से इस मामले को लेकर कोई बयान नहीं जारी किया, जबकि, स्थानीय पुलिस प्रमुख लाठीचार्ज को लेकर अपनी पुलिस का बचाव करते दिखाई दिए। कयास इस बात के लगाए जा रहे कि इस मामले को लेकर विपक्ष को फिर से सत्तारूढ़ सरकार पर हमला तेज करने का अवसर हासिल हो गया। 


गौर से देखिए, मजदूरों की प्रमुख मांगें
सालभर रोजगार की गारंटी
दिहाड़ी 700 रुपये करने की मांग
पंचायती जमीनों का तीसरा हिस्सा जमीन सस्ते भाव पर मजदूरों को मिले
नजूल जमीनों का मालिकाना हक अनुसूचित जाति को मिले
गुलाबी सुंडी से नष्ट नरमे की फसल का मुआवजा मजदूरों को मिले
बेघर और जरूरतमंदों को प्लाट देने की मांग
खुदकुशी पीड़ित परिवारों को मुआवजा
बुढ़ापा पेंशन की आयु सीमा कम करने की मांग
अनुसूचित जाति पर अत्याचार बंद करें
प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामले वापस लेने की मांग


भाकियू उगराहां ने लाठीचार्ज की आलोचना की
लाठीचार्ज की भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ने सख्त आलोचना की है। यूनियन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां और महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। कहने को तो वह कहते हैं कि लोगों को अपने मसले हल न होने की सूरत में सड़क, रेल रोककर आम जनता को परेशान करने के बजाय सरकार के विधायकों व मंत्रियों के घरों के आगे रोष प्रदर्शन करने चाहिए लेकिन वहां जाने पर भी लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन मजदूरों के संघर्ष का समर्थन करेगी।

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