वरिष्ठ पत्रकार अमित मरवाहा.तरनतारन।
पंजाब के तरनतारन में उपचुनाव 11 अक्टूबर को होने जा रहा है। सोमवार को भारतीय चुनाव आयोग ने इस बात की घोषणा कर दी। 11 नवंबर को मतदान होगा तथा 14 नवंबर को मतगणना होगी। बता दें कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपना-अपना प्रत्याशी मैदान में खड़ा कर चुकी है। चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। यह सीट AAP विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के उपरांत खाली हुई गई थी।

रोचक बात यह है कि इस बार आम आदमी पार्टी ने दल बदलू हरमीत सिंह संधू को चुनाव मैदान में उतारा है। वह शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को छोड़ कर आप में पिछले दिनों शामिल हुए थे। बताया जाता है कि संधू को सीएम भगवंत मान ने उन्हें आप में शामिल किया था। टिकट भी सीएम ने खुद दी थी।

उधर, कांग्रेस की बात करें तो उसने टकसाली नेता करणबीर सिंह बुर्ज को चुनाव मैदान में उतार कर रुठे कांग्रेसियों को भी साथ चलने की नीति अपनाई है। बताया जाता है कि वह कांग्रेस में किसान सेल के एक वरिष्ठ पद पर तैनात है। माना जाता है कि बुर्ज का तरनतारन में जनता के बीच एक अच्छी पकड़ हैं। खास बात तो यह है कि वह विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा के काफी नज़दीक हैं।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के युवा नेता हरजीत सिंह संधू पर विश्वास जताया। उन्हें इस उप चुनाव में पार्टी की तरफ से टिकट दिया गया। बताया जा रहा है कि वह दिसंबर 2022 से भाजपा तरनतारन के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्थानीय राजनीति तथा संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2007 में शिरोमणि अकाली दल के यूथ विंग से की, लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली थी।

शिरोमणि अकाली दल ने प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा को तरनतारन उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है। उनकी पहचान “आजाद ग्रुप” की प्रमुख नेता के रूप में है। उनके नेतृत्व में स्थानीय निकाय चुनाव लड़े थे, जिसके बाद 43 सरपंच, 8 नगर परिषद पार्षद और कई पूर्व चेयरमैन उनके साथ हैं। इसलिए, उनका जनाधार काफी मजबूत माना जाता है। सुखविंदर कौर पहले स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं। इस वजह से स्थानीय लोगों में उनकी समाजसेवी और अनुशासित नेतृत्व की छवि है।



