वरिष्ठ पत्रकार.अमित मरवाहा. तरनतारन।

प्रदेश सरकार के दबाव में काम करना तथा विपक्ष के आड़े आना, एसएसपी तरनतारन डॉक्टर रवजोत ग्रेवाल के जीवन में काफी महंगा साबित हुआ हैं। क्योंकि, राजनीति के सैलाब ने उन्हें इस कदर डूबा दिया कि पंजाब चुनाव आयोग को उन्हें निलंबन का पत्र जारी करना पड़ा। उनकी जगह अब अमृतसर पुलिस आयुक्त डॉक्टर गुरप्रीत सिंह को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। चर्चा, इस बात की भी चल रही है कि विपक्ष की स्ट्रेटजी अहम कारगर साबित हुई। खासकर, शिरोमणि अकाली दल (बादल गुट) की बार-बार शिकायत ने चुनाव आयोग को एसएसपी के निलंबन पत्र जारी करने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि, कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग की शिकायत ने भी काफी असर डाला है। चुनाव से ठीक 3 दिन पहले चुनाव आयोग का इतना बड़ा कदम उठाना, कहीं न कहीं सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव में खासा असर भी डाल सकता है। खैर, सत्ताधारी पार्टी ने तो खुलेआम ऐलान कर दिया है कि जनता उनके काम से काफी खुश है। ऐसे में उनका जीतना लगभग तय हैं।

...समझिए, इन बिंदुओं में कैसे एसएसपी का हुआ निलंबन
2 माह पहले जिला तरनतारन को पहली महिला एसएसपी डॉक्टर.रवजोत कौर ग्रेवाल मिली थी। ऐसे में आम जनता में एक नई किरण की उम्मीद जागी थी, अब तरनतारन को महिला पुलिस अधिकारी कानूनी तौर पर नई दिशा दिखएगी। किसी ने इस बात का शायद किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि वह उपचुनाव में सरकार के दबाव में काम करना आरंभ कर देगी। उनका यह तरीका चुनाव आयोग को बिल्कुल पसंद नहीं आया तो शिकायतों के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।

ऐसे चर्चा में आई
उपचुनाव के दौरान सबसे पहले शिअद के सबसे बड़े नेता सुखबीर सिंह बादल ने एसएसपी के खिलाफ चुनाव आयोग के समक्ष एक शिकायत पत्र भेजा। शिकायत पत्र में उन्होंने कहा कि एसएसपी सरकार के दबाव में उनके खिलाफ धक्का कर रही है। इसमें उनका साथ 2 अन्य डीएसपी भी दे रहे हैं। यह बादल ने पिछले दिनों अपनी एक रैली में भी संबोधित दौरान कहां था।

शिअद के बड़े नेताओं के खिलाफ पर्चा कर देना, घर से अपहरण करने का पुलिस पर संगीन आरोप लगना, एसएसपी द्वारा सिरे से इंकार कर देना, कहीं न कहीं उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने का संकेत मिलना शुरू हो गया था। बात यहां पर भी नहीं रुकती है, क्योंकि शिअद ने इस मुद्दे को इतना भुनाया कि भारतीय चुनाव आयोग को पंजाब चुनाव आयोग को एक आदेश लिख कर भेजना पड़ा कि एसएसपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजा वड़िंग द्वारा भी चुनाव आयोग में एसएसपी के खिलाफ शिकायत भेजी गई कि वह सरकार के दबाव में काम कर रही है तथा अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

….अब पुलिस आयुक्त भुल्लर के लिए बड़ी चुनौती
एसएसपी तरनतारन रवजोत को हटाने के बाद अतिरिक्त चार्ज अमृतसर पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर को सौंपा गया। वैसे तो वह एक जांबाज तथा काफी काबिल पुलिस अधिकारियों की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने ला एंड आर्डर को कैसे संभाल कर रखना है, उस बारे भली भांति जानते है। मगर, जिस प्रकार से चुनाव का माहौल है, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह सरकार से लेकर विपक्ष को कैसे संतुष्ट रख पाते हैं।

