वरिष्ठ पत्रकार.राष्ट्रीय डेस्क।
19 वर्षीय कॉलेज छात्रा ने अपने घर में खुद को आग के हवाले किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। पता चला है कि उसे (मृत छात्रा) अपने पूर्व प्रेमी द्वारा कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने एक एएसआई का तबादला कर दिया। बताया जा रहा है कि उस पर आरोप है कि उसने मृत छात्रा के 6 माह पहले बयान दर्ज करवाने के बावजूद मामला दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया था। यह घटनाक्रम उड़ीसा के केंद्रपाड़ा क्षेत्र से जुड़ी है।
जानिए, मृत छात्रा के पिता ने क्या शिकायत में बोला
मृतक छात्रा के पिता ने शिकायत की थी कि पत्तामुंडाई (ग्रामीण) पुलिस स्टेशन के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), जिसकी पहचान शैलेंद्र मोहन पलेई के रूप में हुई है, ने पूर्व प्रेमी के खिलाफ उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की थी। केंद्रपाड़ा के एसपी सिद्धार्थ कटारिया ने कहा कि पीड़िता के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पलेई का तबादला पुलिस जिला मुख्यालय में कर दिया गया है।
एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह घटना आत्महत्या का मामला प्रतीत होती है और शव का पोस्टमार्टम कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि एएसआई ने उनसे और उनकी बेटी से उत्पीड़न करने वाले का मोबाइल नंबर ब्लॉक करने को कहा था। हालांकि, पलेई ने इस आरोप से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया, ‘मुझे इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है और छात्रा के पिता कभी हमारे पुलिस स्टेशन नहीं आए। मैंने कभी किसी को कोई फोन नंबर ब्लॉक करने का सुझाव नहीं दिया।’
पुलिस ने स्वत संज्ञान लेते हुए पत्तामुंडाई (ग्रामीण) पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है, क्योंकि परिवार ने अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘परिवार दाह संस्कार के बाद एक नई प्राथमिकी दर्ज करा सकता है।’
इस बीच, विपक्षी बीजद, कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा की ‘तथ्य-खोजी टीमों’ ने पीड़िता के गांव का दौरा किया और केंद्रपाड़ा के एसपी से मुलाकात की। कांग्रेस तथ्य-खोजी दल की नेता सस्मिता बेहरा ने कहा, ‘हमने मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है, क्योंकि एएसआई पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करके अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।’
बीजद अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने एक लंबे सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा सरकार पर निशाना साधा और इस घटना को राज्य की भाजपा सरकार की ‘भयानक उपेक्षा’ करार दिया। उन्होंने लिखा, ‘यह जानकर बहुत दुख और पीड़ा हुई कि केंद्रपाड़ा के पत्तामुंडाई की एक लड़की ने न्याय की गुहार एक बार फिर अनसुनी होने के बाद हताश होकर खुद को आग लगा ली। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उस युवती के साथ हैं और परिवार के सदस्यों के साथ प्रार्थनाएं हैं।

