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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रविवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार ने फोन टैपिंग के जरिये कारोबारियों को ब्लैकमेल किया। उन्होंने कहा कि इस तरीके से सैकड़ों करोड़ रुपये की वसूली की गई। मुख्यमंत्री ने 11 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले जयशंकर भूपालपल्ली जिले के चेलपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को ‘ब्लैकमेल राजनीतिक समिति’ करार दिया।
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस ने फोन टैपिंग करवाई। उन्होंने कहा कि इसमें विपक्षी नेता, हाईकोर्ट के जज और यहां तक कि पत्रकार भी नहीं बचे। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी की निजी बातचीत सुनी गई। फिल्मी सितारों की बातें सुनी गईं। कारोबारियों को ब्लैकमेल किया गया। रेड्डी ने सवाल किया कि क्या इससे बड़ा कोई अपराध हो सकता है? क्या इनसे बड़ा कोई पापी हो सकता है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना के भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने भी यह आरोप लगाया था कि उनका फोन टैप किया गया। रेड्डी ने सांसद के बयान का हवाला देते हुए कहा कि फोन टैप किए गए। जमीन खरीदने वालों को धमकाया गया और चुनावी बांड के जरिये करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कहना चाहते हैं कि फोन टैपिंग के जरिये करोड़ों रुपये वसूलने वाली बीआरएस को ‘ब्लैकमेल राजनीतिक समिति’ कहा जाना चाहिए। रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि बीआरएस ने फोन टैपिंग के जरिये 1,500 करोड़ रुपये के चुनावी बांड जुटाए। उन्होंने पूछा कि यह पैसा किसका था। क्या यह सच नहीं है कि हजारों करोड़ की संपत्तियां और सैकड़ों एकड़ जमीन कारोबारियों को धमकाकर सस्ते में खरीद ली गईं। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने अब तक इन्हें जेल क्यों नहीं भेजा।
उन्होंने कहा कि किए गए पाप बिना सजा के नहीं जाएंगे। बीआरएस इन पापों के बोझ तले दब जाएगी। रेवंत रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि बीआरएस ने इन मामलों से बचने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को आठ सीटें जिताने में मदद की। उन्होंने कहा कि अब बीआरएस नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा को जिताने के लिए वही काम कर रही है।

