वरिष्ठ पत्रकार.राष्ट्रीय डेस्क।
देश की एक सरकार पिछड़े वर्ग को लुभाने के लिए आरक्षण देने की तैयारी में जुट चुकी है। बताया जा रहा है कि यह इतना बड़ा फैसला तेलंगाना की रेवंत सरकार ने निकाय चुनावों को देखते हुए लिया। अब देखना होगा कि इस चुनाव में सरकार को कितना फायदा होता है, इस बात का पता चुनाव परिणाम ही तय करेगें। फिलहाल, इस संबंध में मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा की ओर से 2018 में पारित अधिनियम में संशोधन कर एक अध्यादेश जारी करने का फैसला किया है। इस बात की पुष्टि, राजस्व मंत्री पी श्रीनिवास रेड्डी ने की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कांग्रेस पार्टी के पहले किए गए वादे के अनुसार पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जानिए, कितने प्रतिशत आरक्षण मिलने का अनुमान..?
रेड्डी ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए, 2018 में विधानसभा से पारित एक अधिनियम में संशोधन हेतु एक अध्यादेश जारी किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले 25 जून को, तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर स्थानीय निकायों के चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
श्रीनिवास रेड्डी ने आगे कहा कि तेलंगाना के महाधिवक्ता को कैबिनेट बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था और अध्यादेश के मुद्दे पर उनकी कानूनी राय मांगी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य विधानसभा ने पिछड़ी जातियों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक पहले ही पारित कर दिया था और इसे राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया था। हालाँकि, यह विधेयक पारित नहीं हो पाया था।

