वरिष्ठ पत्रकार.राष्ट्रीय डेस्क।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को कहा कि अदालतों के ढांचे, डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और बेहतर कनेक्टिविटी पर खर्च किया गया हर रुपया कई गुना वापसी लाता है, भले ही यह लाभ आर्थिक न हो, लेकिन यह जनता के विश्वास के रूप में लौटता है। उन्होंने कहा कि मजबूत न्यायिक अवसंरचना जनता के भरोसे और न्याय प्रणाली की पारदर्शिता की नींव है।न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को चेन्नई में मद्रास हाईकोर्ट के नवनिर्मित ऐनेक्स भवन का उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक धरोहर भवन 126 साल पहले बना था और पहले मद्रास लॉ कॉलेज के रूप में इस्तेमाल होता था। अब इसे आधुनिक रूप में पुनर्निर्मित कर हाईकोर्ट परिसर का हिस्सा बनाया गया है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में उन्होंने कैसे सीमित संसाधनों के बीच काम किया। उन्होंने कहा कि जहां फाइलें टेबल से ऊंची लगाई जाती थीं, पंखे डगमगाते थे और रजिस्टर के पन्ने पीले हो चुके थे, वहीं से यह समझ आया कि न्याय केवल मानव की ईमानदारी पर नहीं, बल्कि संस्थागत समर्थन पर भी टिका होता है। उन्होंने कहा कि जब न्यायपालिका गरिमा के साथ कार्य करती है, तब नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहते हैं और न्याय किसी क्षेत्रीय संयोग नहीं, बल्कि पूरे देश में समान रूप से सुनिश्चित होता है।

