NEGLIGENCE….अधिकारियों की करतूत देखों हाईकोर्ट में नहीं हुए पेश….केंद्रीय मंत्री ने बोला कर एक-एक की लगाई  क्लास…जानेंगे, किस विभाग से जुड़ा है मामला..?

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लगाई  क्लास…जानेंगे, किस विभाग से जुड़ा है मामला

SNE NETWORK.NATIONAL DESK.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT (नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के अधिकारियों के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं। ये अधिकारी पिछले महीने दिल्ली हाई कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, जबकि उन्हें 22 जून के उस आदेश का बचाव करना था जिसके तहत एक पेपर सप्लायर को टेक्स्टबुक बनाने में देरी के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। इस चूक की वजह से हाई कोर्ट ने उस कंपनी को अंतरिम राहत दे दी जिसने काउंसिल के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

सप्लाई शेड्यूल का पालन भी नहीं किया

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में मंत्री का दखल मंत्रालय की “प्रशासनिक और कानूनी चूक के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस (सख़्त) रवैये को मज़बूत करने” का हिस्सा है। मंत्रालय ने NCERT से मामले के कई पहलुओं की जांच करने को कहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि पुणे की कंपनी ‘बाफ़ना ग्लोबल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को 1 दिसंबर को एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए मैपलिथो पेपर सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट कैसे मिला। आरोप हैं कि कंपनी ने पिछले साल 28 अक्टूबर को जारी टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं किया और सप्लाई शेड्यूल का पालन भी नहीं किया।

नोटिस मिलने के बावजूद NCERT की ओर से कोई पेश नहीं हुआ

24 जून को, कंपनी ने NCERT के कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने, कंपनी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने और उसकी ₹6.09 करोड़ की बैंक गारंटी ज़ब्त करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। हालांकि, जब मामला जस्टिस मिनी पुष्करणा के सामने आया, तो पहले से नोटिस मिलने के बावजूद NCERT की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। याचिकाकर्ता की दलीलों पर ध्यान देते हुए, कोर्ट ने निर्देश दिया कि 20 जुलाई को अगली सुनवाई तक 20 जून के आदेश के तहत कंपनी के ख़िलाफ़ कोई सख़्त कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने NCERT को इस बीच ₹6.09 करोड़ की बैंक गारंटी ज़ब्त करने से भी रोक दिया।

NCERT अपने फ़ैसले का असरदार ढंग से बचाव करने में नाकाम रहा

याचिका में कंपनी ने तर्क दिया कि पेपर बनाने में देरी हाइड्रोजन पेरोक्साइड (पेपर बनाने में इस्तेमाल होने वाला ब्लीचिंग एजेंट) की कमी के कारण हुई, जो अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी रुकावटों की वजह से नहीं मिल पा रहा था। कंपनी ने यह भी कहा कि कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवाद में, जहां ईमानदारी से मतभेद हो, वहां आम तौर पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री ने उन रिपोर्टों पर गंभीरता से ध्यान दिया जिनमें कहा गया था कि NCERT अपने फ़ैसले का असरदार ढंग से बचाव करने में नाकाम रहा। उन्होंने आदेश दिया कि जो अधिकारी ज़रूरी कानूनी कदम उठाने में नाकाम रहे, उन्हें इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाए।###USA###UK###CANADA###NCERT-NEWS###PUNJAB###CHANDIGARH###INDIA###AUSTRALIA###GERMANY###IRELAND###SWEDEN###EUROPE###CHINA###HUNGRY###FRANCE###ITLAY###ROME###RUSSIA###UKRAINE###VIETNAM###SINGAPORE###@

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