वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
केंद्र सरकार की तरफ से फिरोजपुर से पट्टी तक 25.7 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बनाने को मंजूरी दे दी है। इस पर 764 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए फिरोजपुर जिले के 4 और तरनतारन के 8 गांवों की जमीन एक्वायर की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दी है। उनका कहना है कि इसे मंजूरी पहले ही मिल गई थी मगर उपचुनाव की वजह से हमने इसका ऐलान नहीं किया गया था। अब जब चुनाव हो गया है तो ऐलान कर दिया गया है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से प्रोजेक्ट दिए जा रहे हैं, मगर पंजाब सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। पहले राजपुरा मोहाली रेलवे लाइन के लिए वह चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिख चुके हैं, उस पर 3 माह से काम शुरू नहीं हुआ है। अब उनकी तरफ से 27 अक्टूबर को मंजूर हुए इस प्रोजेक्ट के लिए पत्र लिखा था, मगर अभी तक पत्र मिलने संबंधी भी जानकारी उन्हें मुहैया नहीं करवाई गई है।
क्या होगे रेलवे लाइन के फायदे
सतलुज में सबसे महंगा पुल बनेगा, माझा का मालवा से जुड़ाव होगा, निर्यात के लिए पोर्ट से जुड़ेगी रेलवे लाइन, बॉर्डर के एरिया में फौज के लिए सहायक सिद्ध होगी, गुजरात, राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के पोर्ट जुड़ेंगे, अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब के अलावा दूसरे पर्यटक स्थलों पर फुटफॉल बढ़ेगी।
2008 की मांग…अब जाकर हुई पूरी
रवनीत बिट्टू ने बताया कि इसके लिए 2008 में इसकी मांग उठनी शुरू हो गई थी। तब लालू प्रसाद यादव मंत्री थे, मगर काम नहीं हो पाया है। इससे पहले प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने पत्र लिखे, वह रेलवे लाइन बनवाना चाहते थे मगर पैसे नहीं दिए। जब मैं मंत्री बना तो मैंने उनकी फाइलें निकलवाईं और प्रधानमंत्री से मांग की है कि हम पैसे भी नहीं दे सकते हैं और इसे मंजूरी मिल गई है।

