वरिष्ठ पत्रकार.जालंधर।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के आरोपी जगतार सिंह तारा को जालंधर की जिला अदालत ने भोगपुर थाने में दर्ज एक मामले में बरी कर दिया है। इस मामले में 16 साल बाद फैसला आया है। भोगपुर थाने में साल 2009 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 17,18,20 और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
अदालत ने जगतार सिंह तारा को सबूत के अभाव में बरी किया है। जगतार सिंह को मंगलवार को पुलिस चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से भोगपुर में दर्ज एफआईआर नंबर 103 के तहत फंडिंग के मामले में कोर्ट में लेकर आई थी। 28 सिंतबर 2009 में यह केस दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने आरोप लगाए थे कि अवैध तरीके से तारा ने कुछ फंडिंग की थी।
उक्त फंडिंग में शामिल उक्त व्यक्तियों को जेल भेजा गया था। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच तारा को वापस जेल ले जाया गया। इस दौरान उनकी मीडिया के साथ कुछ बातचीत हुई। तारा ने कहा कि पंजाब को एक साथ आगे आना होगा और पंजाबी आ भी रहें हैं। जगतार सिंह तारा को 2010 में थाईलैंड में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ दूसरे दोषियों को पैसे भेजने और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।
जगतार सिंह तारा को 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ के सचिवालय परिसर में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे कुछ समय पहले थाईलैंड से गिरफ्तार किया गया था। तारा 2004 से फरार था। वह अन्य हत्यारों जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्योरा और उनके साथी देव सिंह के साथ सुरंग खोदकर उच्च सुरक्षा वाली बुड़ैल मॉडल जेल से भाग गया था।

