WORLD-NEWS….आखिर, ये होर्डिंग्स पूरे विश्व को क्या दे रहे संदेश..कैसे , बना ये चर्चा का विषय , इस विस्तारपूर्वक रिपोर्ट को ध्यान से समझिए….?

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SNE NETWORK.WORLD-DESK.

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद तेहरान की सड़कों पर लगे विशाल होर्डिंग्स और बिलबोर्ड्स दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। पारंपरिक मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इससे पता चलता है कि आज युद्ध कितने बदल गए हैं और सूचना युद्ध किस तरह से जंग के नतीजों को प्रभावित करने की ताकत रखता है। ईरान में सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स के जरिए राजनीतिक संदेशों देने की प्रथा कोई नई बात नहीं है। 1979 की इस्लामी क्रांति और विशेष रूप से ईरान-इराक युद्ध के बाद से ईरानी सरकार ने क्रांतिकारी प्रतीकों, युद्ध स्मारकों और वैचारिक संदेशों को प्रदर्शित करने के लिए होर्डिंग्स और पोस्टर्स का व्यापक इस्तेमाल किया है।

फारसी के साथ-साथ अंग्रेज़ी और हिब्रू भाषा का भी इस्तेमाल

विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में ये बिलबोर्ड केवल स्थानीय जनता के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इनमें फारसी के साथ-साथ अंग्रेज़ी और हिब्रू भाषा का भी इस्तेमाल किया जाता है ताकि संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच सके। इनका उद्देश्य एक ओर राष्ट्रीय एकता और सामूहिक भावना को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर इन्हें सूचना युद्ध के प्रभावी माध्यम के रूप में भी देखा जाता है।

आइए जानते हैं तेहरान के पांच प्रमुख होर्डिंग्स और उनमें छिपे प्रतीकों का अर्थ, जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा।

1. प्रतीकात्मक वाक्य दिखाई दिए


हाल के महीनों में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले बिलबोर्ड्स में से एक में ईरानी मिसाइलों पर हाथ से लिखे गए संदेश और प्रतीकात्मक वाक्य दिखाई दिए। इनमें सबसे प्रमुख संदेश है—’मिनाब की बेटियों के नाम’। यह युद्ध के शुरुआती दिनों में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की ओर संकेत माना जाता है, जिसमें ईरानी अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में छात्राओं और शिक्षकों की मौत हुई थी।

‘एपस्टीन द्वीप की पीड़ित लड़कियों के नाम’

मिसाइल पर अंग्रेजी में लिखा गया ‘एपस्टीन द्वीप की पीड़ित लड़कियों के नाम’ जिसे अमेरिकी कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के विवादित द्वीप के संदर्भ में देखा गया। एक अन्य मिसाइल पर लिखा ‘गुलाबी जैकेट वाली लड़की’ जिसे 2024 में एक आतंकी हमले में मारी गई ईरानी बच्ची से जोड़कर देखा गया, जिसकी पहचान उसकी गुलाबी जैकेट और दिल के आकार की बालियों से हुई थी। इस बिलबोर्ड के जरिए मिसाइलों को केवल हथियार नहीं, बल्कि शोक, प्रतिशोध, स्मृति और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में पेश करने की कोशिश की गई है।

2. फारसी भाषा में लिखा


एक अन्य चर्चित बिलबोर्ड पर फारसी भाषा में लिखा है, ‘अगर तुम युद्ध चाहते हो, तो हम युद्ध के उस्ताद हैं।’ इसके साथ हिब्रू भाषा में इस्राइल को लेकर एक उग्र संदेश भी दिया गया है। चित्र में इस्राइल के ऊपर आसमान में बड़ी संख्या में आती मिसाइलें दिखाई गई हैं, जो मानो आग की बारिश जैसी प्रतीत होती हैं। यह बिलबोर्ड सीधे हिब्रू भाषी दर्शकों को संबोधित करता है और ऐसा लगता है कि इसे इस्राइल पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया। इसके माध्यम से ईरान अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और विरोधियों को चेतावनी देने की कोशिश करता दिखा।

3. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे को दर्शाया


एक अन्य द्विभाषी बिलबोर्ड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे को दर्शाया गया है, जिसमें उनके मुंह पर होर्मुज जलडमरूमध्य की आकृति को टांकों से सिला हुआ दिखाया गया है। इसके साथ अंग्रेजी में ‘द ब्रेकिंग पॉइंट’ यानी ‘टूटने की सीमा’ लिखा गया। फारसी संदेश का आशय है कि ‘धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है’। इसमें शब्दों के प्रयोग के जरिए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने दबदबे को दिखाने की कोशिश की। यह चित्र ट्रंप की बयानबाजी और अमेरिकी प्रभाव पर भी कटाक्ष करता है। 

4. उसके चारों ओर आधुनिक मिसाइलें दिखाई गई


एक अन्य बिलबोर्ड में प्राचीन फारसी लोककथा के नायक अराश धनुर्धर को युद्धभूमि में तीर चलाने की तैयारी करते हुए दिखाया गया है। उसके चारों ओर आधुनिक मिसाइलें दिखाई गई हैं। फारसी मिथक के अनुसार, अराश ने अपने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था। इस प्रतीक के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि आधुनिक ईरानी सैनिक भी देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने को तैयार हैं। यह बिलबोर्ड ईरानी संस्कृति में गहराई से रचे-बसे इतिहास, कविता और वीरगाथाओं को वर्तमान संघर्ष से जोड़ता है।

5. मछली पकड़ने का जाल एक सांस्कृतिक रूपक


एक अन्य बिलबोर्ड में फारस की खाड़ी के ऊपर फैले एक विशाल मछली पकड़ने के जाल को दिखाया गया है, जिसमें अमेरिकी लड़ाकू विमान, ड्रोन और नौसैनिक जहाज फंसे हुए नजर आते हैं। इसके साथ फारसी भाषा में लिखा है, ‘पूरी फारस की खाड़ी हमारा शिकार क्षेत्र है।’ यह संदेश फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के प्रभाव और निगरानी क्षमता को दर्शाने का प्रयास करता है। साथ ही मछली पकड़ने का जाल एक सांस्कृतिक रूपक भी है, जो यह संकेत देता है कि ईरान की रणनीति केवल प्रत्यक्ष सैन्य शक्ति पर नहीं, बल्कि धैर्य, रणनीतिक सोच और दीर्घकालिक तैयारी पर आधारित है।

संदेश वैश्विक स्तर तक पहुंचे


विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के ये विशाल बिलबोर्ड केवल सड़क किनारे लगाए गए विज्ञापन नहीं हैं, बल्कि आधुनिक सूचना युद्ध और मनोवैज्ञानिक रणनीति का हिस्सा हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग उनकी तस्वीरें लें, सोशल मीडिया पर साझा करें और संदेश वैश्विक स्तर तक पहुंचे। यही वजह है कि आज ईरान के ये होर्डिंग्स स्थानीय प्रचार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक संदेश और प्रतीकात्मक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बन चुके हैं।###USA###CANADA###WORLD-NEWS###INDIA###SWEDEN###IRELAND###VIETNAM###CHINA###UK###ISRAEL###IRAN###FRANCE###AUSTRALIA###NEWZEALAND###BRAZIL###@

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