वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा.गुरदासपुर।
पिटबुल ने पांच गांवों के 12 लोगों को काटकर कोहराम मचा दिया। 15 किलोमीटर के इलाके में जो भी उसके रास्ते में आया, उसी पर हमला कर दिया। इस दौरान कई मवेशी भी उसका निशाना बने। सैर कर रहे रिटायर्ड कैप्टन पर हमला किया तो उन्होंने अन्य लोगों की मदद से उसे डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। घायलों को गुरदासपुर और दीनानगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले पिटबुल ने गांव तंगोशाह के पास भट्ठे पर काम करने वाले 2 मजदूरों को काटा। उन्होंने किसी तरह उसे बांध भी दिया, लेकिन बाद में वह छूटकर देर रात साढ़े 12 बजे गांव रांझे दे कोठे पहुंचा। यहां हवेली में सोने की तैयारी कर रहे बुजुर्ग दिलीप कुमार पर हमला कर दिया। दिलीप उससे बचने के लिए भागे लेकिन पिटबुल ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। दिलीप के घरवालों ने किसी तरह पिटबुल को निकालकर घर का दरवाजा बंद किया।
2 कुत्तों ने बचाई रामनाथ की जान
इसके बाद पिटबुल ने इसी गांव के बलदेव राज के बछड़े को बुरी तरह नोच डाला। वहां से पिटबुल घरोटा रोड की तरफ भागा और रास्ते में कई पशुओं को काटता गया। फिर वह भट्ठे पर पहुंचा और नेपाली चौकीदार रामनाथ पर हमला कर दिया। रामनाथ की जान भी वहां रहते 2 कुत्तों ने बचाई। इसके बाद पिटबुल गांव छन्नी पहुंचा और वहां सो रहे मंगल सिंह को काट लिया।
कुत्ते को पीट पीटकर मार डाला
सुबह पांच बजे के करीब पिटबुल कुंडे गांव पहुंच गया और वहां सैर कर रहे नंबरदार गुलशन कुमार, धर्म चंद व उसकी पत्नी दर्शना देवी, अशोक शर्मा, विभीषण कुमार और गोपी शर्मा पर हमला कर बुरी तरह नोच डाला। इसके बाद वह चौहाना गांव पहुंचा और खेतों में टहल रहे सेना के रिटायर्ड कैप्टन शक्ति सलारिया पर हमला कर उसकी बाजू को नोच डाला। सलारिया ने हिम्मत दिखाते हुए हाथ में पकड़ा डंडा कुत्ते के मुंह में डाल दिया। तभी गांव के लोग वहां पहुंचे और सलारिया के साथ मिलकर कुत्ते को पीट पीटकर मार डाला।

