SNE NETWORK.GURDASPUR/CHANDIGARH.
पुलिस के मुताबिक एनकाउंटर में रणजीत की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 मुलाजिम घायल हो गए। एनकाउंटर के बाद DIG संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने पैसों का लालच देकर यह मर्डर कराया है। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स के टच में थे।
CM भगवंत मान ने भी जालंधर PAP में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस चौकी में मारे जवानों का बदला ले लिया है। आरोपियों का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ मिला। पाकिस्तान ने इनको स्पांसर किया था ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके, कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ASI की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी।
DIG की जुबानी, कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी
- DIG अमृतसर रेंज संदीप गोयल ने कहा- रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के टच में थे। ISI ने इनको पुलिस के जवानों को मारने का टॉस्क मिला था। चूकिं ये पास के ही आदिया गांव के थे, इसलिए ये रेकी करते रहे और मौका मिलने पर ASI गुरनाम सिंह व होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या कर दी। इसके बाद दिलावर व रणजीत सिंह को अरेस्ट किया गया। रणजीत सिंह ने पूछताछ में माना कि वारदात में उसने जो पिस्टल यूज किया, उसे बहरामपुर एरिया के गांव गालड़ी में छिपाकर रखा था। सबूत पुख्ता करने के लिए पुलिस उसे लेकर हथियार को बरामद करने के लिए ले गई।
- जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो धुंध के कारण ऊबड़-खाबड़ रास्ता नहीं दिखा। यहां का रास्ता बाढ़ की वजह से भी खराब हुआ था। इससे पुलिस की गाड़ी पलट गई। मौका पाकर आरोपी रणजीत सिंह भाग निकला। एएसआई बनारसी दास ने तुरंत इसकी सूचना दी। जिसके बाद रेड अलर्ट और सीलिंग कर दी गई।इस दौरान गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास CIA स्टाफ के मुलाजिम तैनात थे। चूंकि रणजीत पहले अरेस्ट था तो उसके हुलिए के बारे में हमें सब कुछ पता था। इसी दौरान वह बाइक पर इंद्रजीत सिंह के साथ आया। पुलिस ने रुकने को कहा तो उसने बाइक पीछे मोड़ ली लेकिन वह फिसल गई।
- DIG ने कहा कि इसके बाद वह भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो रणजीत ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और 4 अन्य मुलाजिमों को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग बढ़ाई और रणजीत सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इतने में उसका साथी भाग निकला। रणजीत से 32 बोर पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई।तीनों को पाकिस्तान से टॉस्क मिला था। तीनों को 4 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इसमें से एक आरोपी दिलावर को 20 हजार देने थे और 3 हजार रुपए मिल चुके थे। पुलिस को पता चला है कि इन्होंने किसी से 3 लाख रुपए लेने थे, वो पैसा कहां से आ रहा था, उसके बारे में भी जांच की जा रही है।
- DIG संदीप गोयल ने बताया कि पाकिस्तान भूखा-नंगा देश है। वह लगातार पंजाब में दहशत फैलान के लिए हथियार भेज रहा है। इस हमले का मास्टरमाइंड रणजीत था। उसकी उम्र 19 साल थी। इसकी कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। उसके साथी इंद्रजीत पर नशा तस्करी के 3 पर्चे हैं। उसकी उम्र 21 साल है। दिलावर को इन्होंने 20 हजार रुपए देने के लालच देकर बाद में अपने साथ मिलाया।घटना वाले दिन नाके पर 2 लोग ही ड्यूटी पर थे। ड्यूटी पर किसी तरह की लापरवाही का मामला नहीं है। पहले दिन सीसीटीवी में जो 5 लोग नजर आए थे, उनको वैरिफाई किया था, वो वहां से गुजर रहे थे। इसके बाद फोन डंप के आधार पर आरोपियों को उठाकर पूछताछ की थी। घटना के बाद पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की जो वीडियो सामने आई थी, उसे लेकर भी जांच कर रहे हैं।
- डीआईजी ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 10 करोड़ रुपए मिला है। सैकेंड लाइन आफ डिफेंस के नाके हाईटेक किए जाएंगे। डीआईजी ने कहा कि नाके पर दरवाजा नहीं था, ये बात सही है, लेकिन ये टारगेट किलिंग है। इनको टास्क मिला था। कितने लोगों को मारने का टास्क था, इसकी भी जांच की जा रही है।

गुरदासपुर अस्पताल के SMO डाक्टर सुखदीप सिंह।
सिविल अस्पताल गुरदासपुर के SMO ने बताया कि हमारे पास आज सुबह 5 पुलिस वाले एडमिट हुए हैं। एक पुलिस कर्मी सीआईए स्टाफ के गुरमीत सिंह को बांह में गोली लगी है। रणजीत सिंह को गोली लगने के कारण दाखिल करवाया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 अन्य पुलिस वालों के माइनर इंजरी है। सभी घायल स्टेबल हैं। घायल पुलिस वालों की पहचान संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह और सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है।

