EDITOR-IN-CHIEF.VINAY KOCHHAR/BATALA/GURDASPUR/AMRITSAR/CHANDIGARH.

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायामूर्ति शालिनी सिंह नागपाल ने एक अहम याचिका पर फैसला सुनाते हुए पंजाब पुलिस निदेशक को बटाला एसएसपी तथा थाना रंगड़ नंगल पुलिस स्टेशन के सीआई सहित लगभग 1 दर्जन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई एवं विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए। यह महत्वपूर्ण फैसला पंजाब एवं हरियाणा के 2 अधिवक्ताओं को उत्पीड़न तथा धमकाने के आरोप में दिया गया। इतना ही नहीं, कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस निदेशक को एक माह का समय दिया गया। अब रिपोर्ट डीजीपी खुद अगली सुनवाई पर पेश करेंगे।

.आखिर क्या है पूरा मामला, हम जानेंगे, इस विस्तृत रिपोर्ट में…?
14 अगस्त 2026 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के 2 अधिवक्ता (मोहप्रीत कौर, महकप्रीत सिंह) रिश्ते में सगे भाई-बहन के निवास स्थल गांव सुखा चिरा, तहसील बटाला, जिला गुरदासपुर में एक कार सवार सिविल वर्दी में पुलिस कर्मचारी आए। बाहर से दरवाजा खटखटाया तो भीतर घर में उनकी माता अकेली थी। ऐसे में इनकी बिना अनुमति के घर की तस्वीरें लेनी आरंभ कर दी। मना करने पर उक्त पुलिस कर्मचारियों ने उनकी माता को धमकाया तथा वापस चले गए।

दोनों अधिवक्ता भाई-बहन को जब पता चला तो इन्होंने एक लिखित में ईमेल के माध्यम से पंजाब पुलिस निदेशक कार्यालय को शिकायत भेजी। शिकायत के आधार एसएसपी बटाला को डीजीपी ने जांच के आदेश जारी किए। आगे जांच डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर को सौंपी गई।


जांच में पुलिस कर्माचिरयों को बचाया तथा शिकायतकर्ता के बयान तक नहीं दर्ज किए।
हैरान करने वाली बात तो तब सामने आई जब डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर के पास मामला जांच के लिए पहुंचा तो उन्होंने एक बार भी नहीं शिकायतकर्ताओं को अपने पास बयान के लिए नहीं बुलाया गया।
ऊपर से थाना की पुलिस ने अधिवक्ता भाई-बहन को केस वापस लेने के लिए धमकाना आरंभ कर दिया। उन्हें धमकाया गया कि अगर शिकायत वापस नहीं ली तो उन्हें झूठे केस में फंसा दिया जाएगा।
पुलिस प्रताड़ना से उत्पीड़ित अधिवक्ता भाई-बहन ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका की
14 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट अधिवक्ता मोहप्रीत कौर तथा महकप्रीत सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय में एक याचिका दायर की। याचिका में शिकायत से जुड़े हर तथ्य तथा पुलिस कार्यप्रणाली को पेश किया गया।
सुनवाई के लिए जस्टिस ने अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को निर्धारित की। ऐसे में पुलिस वहां पर शिकायत से जुड़ा रिकार्ड तथा डीवीआर को पेश नहीं कर पाया। अदालत ने माना कि पुलिस जानबूझकर अधिवक्ता भाई-बहन को तंग कर रही है तथा ऐसे में साबित होता है कि उन्हें झूठा फंसाने का पूर्ण तौर पर प्रयास किया गया।
…ऐसे में अब डीजीपी अगली सुनवाई में होंगे पेश
अदालत ने सुनवाई के लिए अगली ताऱीख 19 सितंबर (यानी 1 माह) का समय डीजीपी पंजाब को दिया है। ऐसे में अब पूरे मामले को लेकर डीजीपी खुद जांच करेंगे। अगली सुनवाई पर उन्हें खुद पेश होना होगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि इस मामले में एसएसपी बटाला तथा थाना रंगड़ नगल के सीआई सहित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई होना भी लाजिमी बताया जा रहा है।
आदेश में इन-इऩ के खिलाफ कार्रवाई करने का नोटिस
अदालत ने आर्डर कापी में साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि बटाला एसएसपी, थाना रंगड़ नगल सीआई (एसएचओ) गगन, एएसआई पलविंद्र सिंह, एएसआई योद्वा सिंह, एएसआई हरदेव सिंह, एएसआई गुरदेव सिंह के खिलाफ कानूनी तथा विभागीय तौर पर जांच होनी चाहिए।
सीसीटीवी में कैद हुई थी तस्वीरें
घटनाक्रम से जुड़ी कुछ तस्वीरें पूर्व में डीजीपी को शिकायत के साथ भेजी गई थी। लेकिन, तब उस मामले को इतना गंभीरता से नहीं लिया गया। उन तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे सिविल वर्दी में कुछ पुलिस कर्मचारी घर की महिला साथ बहसबाजी कर रहे है तथा उनके हाथ में एक फाईल भी दिखाई दे रही है। एक सिविल वर्दी में पुलिस कर्मचारी सीसीटीवी कैमरा को देखता हुआ भी कैद हुआ।
अदालत की प्रतिक्रिया
अदालत ने इस पूरे मामले में अपना रुख साफ करते हुए कहा कि पुलिस बिना किसी कारणवंश कैसे 2 पंजाब एवं हरियाणा अधिवक्ता के आवास जाकर उन्हें उत्पीड़न तथा धमका सकती है। ये सरासर कानून के खिलाफ हैं। फिर शिकायत की जांच पर भी अदालत ने कई प्रकार के सवाल खड़े किए। इतना ही नहीं पुलिस अदालत के समक्ष अपना रिकार्ड तक नहीं पेश कर पाई।
ऐसे में अदालत ने तो साफ रुख अख्तियार करते कहा कि अब मामले की जांच डीजीपी खुद करेंगे तथा बटाला एसएसपी एवं थाना रंगल नंगल पुलिस के जितने पुलिस कर्मचारी, इस केस में शामिल है, उनके खिलाफ विभागीय तथा कानूनी तौर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। अगली तारीख पर डीजीपी खुद पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पेश करें।###USA###CANADA###HIGH###COURT###DECISION###SINGAPORE###AUSTRALIA###NEWZEALAND###

