वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
किसानों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है, क्योंकि पटियाला, संगरूर और फिरोजपुर में तैनात डिप्टी कमिश्नरों समेत कई डिप्टी कमिश्नरों ने किसानों को पराली न जलाने की चेतावनी दी है। ऐसा न करने पर उनके राजस्व रिकॉर्ड में लाल निशान लगा दिया जाएगा। कई किसान यूनियनों ने इस कदम का विरोध किया है।
राजस्व रिकॉर्ड में “लाल प्रविष्टि” का मतलब है कि भूमि का शीर्षक “स्पष्ट नहीं” है, जिससे किसानों के लिए उस भूमि को बेचना या उसके बदले बैंक ऋण लेना मुश्किल हो जाता है।
संगरूर के डीसी बताया था कि जिला प्रशासन खेतों में धान की पराली जलाने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगा। उन्होंने कहा, “एफआईआर दर्ज करने के अलावा, दोषी किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में भी लाल प्रविष्टियां की जाएंगी। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने की जिम्मेदारी पुलिस स्टेशनों के एसएचओ की होगी।”
इन-इन जगह पर किसान करेंगे प्रदर्शन
बीकेयू (एकता-उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार नकली डीएपी बेचकर किसानों को ठगने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, हम सरकार को यह भी चेतावनी देना चाहते हैं कि अगर वे रेड एंट्री करना शुरू करते हैं तो उन्हें किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। पंजाब के सभी जिलों किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएम) से अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी है।

