वरिष्ठ पत्रकार.AMRITSAR/CHANDIGARH।
खालिस्तान के समर्थक तथा वारिस पंजाब के प्रमुख अमृत पाल सिंह के परिवार को पुलिस ने रविवार देर सायं हिरासत में लिया। परिवार की तरफ से सोमवार को तख्त श्री दमदमा साहिब से चेतना मार्च निकाला जाना था। इस गिरफ्तारी की श्री अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी की ओर से कड़े शब्दों में निंदा की गई। पता चला है कि अमृत पाल की मां तथा चाचा तथा अन्य परिवार के सदस्य को पकड़ा गया।
इस संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि भाई अमृतपाल सिंह और उनके साथी सिंहों को सरकार ने एनएसए के तहत गिरफ्तार किया था। जिनके लिए संघर्ष कर रहे परिवार को गिरफ्तार कर पंजाब सरकार बेवजह माहौल को खराब कर रही है।
कहां से निकालना था चेतना मार्च, जानिए, इस खास रिपोर्ट में
पता चला है कि चेतना श्री दमदमा साहिब से निकाला जाना था। इस चेतना मार्च में अमृत पाल सिंह का परिवार तथा कई सिख संगठन इसका हिस्सा था। लेकिन, मार्च निकालने से पूर्व ही इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। किस पुलिस थाना ने इन सब को गिरफ्तार किया है, आगे कहां लेकर गए। इस बारे अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया। पता चला है कि एसजीपीसी उनका पता लगाने में जुट चुकी है। एसजीपीसी अध्यक्ष अधिवक्ता हरजिंदर सिंह धामी ने सरकार के इस कदम की निंदा करते कहा कि सरकार जानबूझकर सिखों को निशाना बना रही है। परिवार के साथ सिख समाज खड़ा है। कानूनी मदद से उन्हें जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा।
डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृत पाल
पिछले साल अमृत पाल सहित उसके साथियों के खिलाफ एनएसए लगा दिया गया था। पकड़ कर असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद कर दिया गया था। समय-समय पर सभी ने जेल प्रशासन के खिलाफ भूख हड़ताल की। आरोप था कि उन्हें मांसाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाता है जो कि अमृतधारी सिख के धर्म के खिलाफ है। इस बात का कई बार विरोध भी हुआ।

