वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
एक ताजा रिपोर्ट में मशहूर चिकित्सक ने दावा किया कि प्रत्येक 2 में से 1 का लिवर फैटी पाया गया। इसके पीछे की वजह खराब डाइट, मोटापा, शारीरिक गतिविधियां न करना पता चली है । शराब पीने वालों में फैटी लिवर का होना एक आम बात है लेकिन अब शराब का सेवन न करने वालों की तादाद बढ़ने लगी है।
PGI हेपेटोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अजय दुसेजा की मानें तो पिछले 4 से 5 साल से ट्रेंड बदल गया है, जिसमें नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लीवर (एन.ए.एफ.एल.डी.) की शिकायत लोगों को ज्यादा रहती हैं।
इतने फीसद है मरीज
हर दूसरे व्यक्ति में से एक को फैटी लिवर की समस्या है। इसका सबसे बड़ा कारण खराब डाइट, फिजिकल एक्टिविटी न करना और मोटापा है। 40 प्रतिशत लिवर कैंसर के रोगी सामने आ रहे है, जबकि 20 प्रतिशत नॉन-एल्कोहोलिक मरीज लिवर की समस्या को लेकर आ रहे हैं। वक्त पर खाना, हेल्दी खाना बहुत ज्यादा जरूरी है। कई लोग बहुत ज्यादा खाते है लेकिन परेशानी तब आती है जब आप खाते हैं लेकिन उसे बर्न नहीं करते। उसके लिए आप कोई एक्टिविटी नहीं करते।
इन पर किया शोध
डॉ. दुसेजा ने बताया कि विभाग ने फैटी लिवर का प्रसार जांचने के लिए चंडीगढ़ में एक हजार हेल्दी ब्लड डोनर्स पर एक रिसर्च किया है। रिसर्च के मुताबिक 53 प्रतिशत हैल्दी डोनर्स में एन.ए.एफ.एल.डी. (नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर) को देखा गया। डोनर्स का मेटाबोलिक रिस्क एन.ए.एफ.एल.डी. (नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर) को देखा गया। इस दौरान डोनर्स का मेटाबोलिक रिस्क फैक्टर्स को देखा गया, जिसमें ओवरवेट, मोटापा, डायबिटीज, हाइपरटेंशन समेत कई दूसरी दिक्कतें पाई गईं। हेल्दी फूड के साथ व्यायाम, खेल और शराब नहीं लेनी चाहिए।

