मकबूल अहमद.चंडीगढ़।
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में चाहे कितनी भी कड़वाहट क्यों न हो, दोनों देशों के लोगों के आपसी प्यार को न तो राजनीति रोक सकती है और न ही सरहदें। पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में पाकिस्तानी लड़कियों का भारत में शादी करने का चलन बढ़ा है। कानपुर के रहने वाले अभिनेता और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी खालिद अहमद को मुल्तान की रहने वाली आयशा जवाद से प्यार हो गया है। इस संबंध में कानपुर के हसनपुर निवासी सई अहमद खान के बेटे खालिद अहमद (28) ने सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार मकबूल अहमद से फोन पर संपर्क किया और अपनी मंगेतर आयशा को भारत का वीजा दिलाने में मदद करने की अपील की।
मकबूल अहमद ने 2003 में फैसलाबाद, पाकिस्तान की ताहिरा मकबूल से शादी की। और उस समय वह विश्व मीडिया में आकर्षण का केंद्र बन गये। खालिद अहमद एक अभिनेता, यूट्यूबर और सोशल मीडिया क्षेत्र में एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। मुल्तान (पाकिस्तान) निवासी मोहम्मद जवाद जहीर की बेटी आयशा जवाद उनकी फैन थीं।
ऐसे हुआ प्यार
4 साल पहले दोनों एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में आए। दोनों के बीच इंस्टाग्राम पर लाइव चैट होने लगी। पहले दोस्ती फिर धीरे-धीरे ये दोस्ती प्यार में बदल गई। आयशा के माता-पिता नहीं हैं। वह अपनी दादी, चाचा और 2 भाइयों के साथ मुल्तान में रहती है। उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया, जबकि, राह दोनों के लिए इतनी आसान नहीं है, क्योंकि, पाकिस्तानियों के लिए भारत का वीजा पाना बहुत मुश्किल है।
दुबई में हो चुकी दोनों की मुलाकात
दोनों प्रेमी एक दूसरे से मिलने के लिए काफी उत्सुक थे। भारत का वीजा हासिल कर पाना इतना आसान नहीं था। इसलिए उन्होंने दुबई में मिलने का फैसला किया। आयशा जवाद अपनी मौसी और चाचा के साथ खालिद से मिलने दुबई पहुंची। जहां उनकी सगाई हुई। खालिद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की है कि उनकी मंगेतर के लिए भारत का वीजा जारी किया जाए ताकि वह उससे शादी कर अपना घर बसा सकें।
अब नीति हुई कठिन
गौरतलब है कि भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा नीति काफी सख्त कर दी है। पहले, वीज़ा देने या न देने का निर्णय वीज़ा आवेदन के 45 दिनों के भीतर किया जाता था। लेकिन अब कई ऐसे वीजा आवेदक हैं जिन्हें भारत के वीजा के लिए आवेदन किए हुए 4 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक उन्हें भारत का वीजा नहीं दिया गया है। अब भारत ने वीजा प्रोसेसिंग का समय छह महीने कर दिया है।

