वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव के इस बार के परिणाम काफी रोचक रहें। इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद पर किसी निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। निर्दलीय उम्मीदवार अनुराग दलाल पीयू के नए प्रधान बने हैं। चुनाव से कुछ दिन पहले एनएसयूआई से बगावत कर अनुराग दलाल छात्र परिषद चुनाव के लिए निर्दलीय खड़े हुए और 3433 मत लेकर अपने प्रतिद्वंदी सीवाईएसएस से प्रिंस चौधरी को 303 मतों के अंतर से हराया। नतीजों के बाद विजेताओं को युवाओं ने अपने कंधों पर उठा कर जीत के नारे लगाए। ढोल की थाप पर छात्रों ने खूब जश्न मनाया।
इस जीत से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, जिसने अनुराग दलाल को एनएसयूआई से अध्यक्ष पद के लिए टिकट नहीं दी। वहीं एबीवीपी और सीवाईएसएस भी सदमे में है जिनके चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद वह कैंपस में जीत का परचम नहीं लहरा पाए। पिछले साल एनएसयूआई के जितेंद्र सिंह ने पीयू अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी।
अध्यक्ष पद पर जीत के बाद पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रेसिडेंट अनुराग दलाल ने कहा कि अबकी बार पीयू के विद्यार्थियों ने छात्र राजनीति को बढ़ावा दिया है और बाहर से जो एमएलए, नेताओं की यूनिवर्सिटी में दखलअंदाजी रहती थी उसे बंद किया। इस बार मुकाबला छात्रों और सरकार का था। विद्यार्थियों ने छात्र को जिताया न कि सिफारिशी टिकट से आए उम्मीदवार को।

