वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
बठिंडा विकास प्राधिकरण (बीडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में है। विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक द्वारा विजिलेंस सचिव को लिखे गए पत्र में संपत्ति वाले 2 भूखंडों पर “निर्माण” को उजागर करने के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पिछले साल सितंबर में विजिलेंस ब्यूरो ने एक जांच के बाद एफआईआर दर्ज की थी कि पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कथित तौर पर अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके मॉडल टाउन, फेज 1, बठिंडा में 1,560 वर्ग गज के 2 भूखंड खरीदे थे, जिससे राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान हुआ था। मंजूरी देने में बीडीए अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए विभागीय जांच शुरू की गई है।
पत्र में यह लिखा गया
पत्र में कहा गया है, “अब पता चला है कि दोनों प्लॉट पर निर्माण कार्य जोरों पर है। एफआईआर नंबर 21, दिनांक 24 सितंबर, 2023 के तहत केस प्रॉपर्टी होने के बावजूद, बीडीए, बठिंडा के अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया से गुजरे बिना ही नक्शे पास कर दिए और निर्माण की अनुमति दे दी। बीडीए ऐसा अपेक्षित कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही कर सकता था। लेकिन आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ही उसने उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य करने के लिए नक्शे पास कर दिए। एफआईआर में अधिकारियों की मिलीभगत, सत्ता के दुरुपयोग और सरकारी खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।

