वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
शिक्षा कार्यक्रम के तहत केंद्र से पंजाब सरकार को इस बार सिर्फ 170 करोड़ रुपये ही आवंटित होने जा रहे है। बताया जा रहा है कि लगभग 180 करोड़ रुपए की राशि का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सही मायने में इस राशि को केंद्र सरकार के वित्त विभाग ने रोक लगा दी। इससे पंजाब की शिक्षा नीति पर आने पर समय में प्रतिकूल असर पड़ने वाला है। कई नीतियां उधर में पड़ सकती है, जिसे राज्य सरकार ने लागू कर रखा है।

मालूम हुआ है कि राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी पीएम श्री कार्यक्रम को लागू करने के लिए सहमति नहीं दी थी, इसलिए समग्र शिक्षा योजना के लिए कम से कम 515.55 करोड़ रुपये की स्कूली शिक्षा निधि को केंद्र ने पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) की दो तिमाहियों और चालू वर्ष की एक किस्त के लिए रोक दिया था।
इस साल जुलाई में, राज्य सरकार ने इस योजना को लागू करने पर सहमति व्यक्त की, जिसके बाद वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र का हिस्सा 177.19 करोड़ रुपये राज्य शिक्षा विभाग के खाते में जमा कर दिया गया। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2023-24 की 2 किस्तों के लिए 350 करोड़ रुपये की लंबित राशि के बारे में केंद्र की ओर से कोई जवाब नहीं आया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह राशि प्राप्त करना आसान नहीं होगा, क्योंकि पिछले साल के बजट में निर्धारित धनराशि समाप्त हो चुकी है। लगभग 350 करोड़ रुपये की लंबित राशि में से विभाग ने 170 करोड़ रुपये प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

