पवन कुमार.अमृतसर।

3 दशक उपरांत पंजाब में बाढ़ के हालात की झकझोर करती तस्वीरों ने हर किसी के जहन में एक बात तो पैदा कर दी है कि प्राकृति ( भगवान, वाहेगुरु) से ऊपर कोई नहीं है। अगर हम इनके साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ करते है तो शायद परिस्थितियां इससे भी भयंकर या फिर प्रतिकुल हो सकती है। लेकिन, इन कठिन परिस्थितियों में भी कुछ इंसानियत का परिचय देते हुए , बाढ़ प्रभावित पीड़ित परिवारों तक मदद पहुंचा कर एक नेक इंसानियत की मिसाल पैदा कर रहे हैं। इनमें पंजाब के अमृतसर में स्थित पवन नगर गालियों में रहने वाले गुरिंदरपाल सिंह सोढ़ी (पेशे से सरकारी स्कूल गर्लज स्कूल , शिवाला-मान सिंह गेट में उप-अध्यापक (वाईस प्रिंसीपल की पद्दोन्नित के बावजूद) बाढ़ प्रभावितों तक अपनी जेब से पैसें लगाकर राहत पहुंचा रहे हैं। सोढ़ी इस प्रकार के कार्य कर समाज के लिए एक नई मिसाल पैदा कर रहे है। उनके मुताबिक, उन्होंने एक एनजीओ बना रखी है, उसके माध्यम से सोमवार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अजनाला, रमदास में 500 लोगों को राहत किट वितरित की गई।

…जानिए, यह किस प्रकार की विशेष किट है.?
अहम बात यह है कि सोढ़ी तथा उनके अमेरिका में बसे भाई हरप्रीत सिंह की मदद से रविवार को 500 किट तैयार की गई। उनके मुताबिक, किट में 2 बोतल पानी, 2 सैंडविच, 6 केला, 1 रस्क पैकेट, 1 बिस्कुट पैकेट, 1 छोटी डबल रोटी को डाला गया। यह राहत समाग्री सोमवार को गांव अवान के पास छोटे-छोटे आधा दर्जन गांव में वितरित की गई। दिलचस्प पहलू यह रहा कि कुछ पीड़ित परिवार के आंखों में खुशी के आंसू भी देखे गए, क्योंकि, उन्हें वाक्य ही में राहत समाग्री की काफी आवश्यकता थी।
..आगे निरंतर चलेगा
सोढ़ी ने बताया कि उन पर वाहेगुरु की पूरी कृपा है। उनका परिवार काफी खुशहाल है। आगे भी राहत समाग्री वह अलग-अलग गांव तक पहुंचाने का काम निरंतर जारी रखेंगे। किसी प्रकार की कोई विडंबना न हों, इसके लिए पूरा काम का खाका पहले से ही तैयार कर लिया है। आर्थिक तौर पर हमें कई लोग विदेश से मदद भी कर रहे है।

जानिए, कैसे चलता है काम, समझिए, इस रिपोर्ट में…?
सोढ़ी के मुताबिक, उनके इस कार्य में पिता से लेकर पत्नी तथा बच्चे खूब सहयोग देते है। पूर्व में आपात स्थिति में वह तथा उनकी एनजीओ काफी काम कर चुकी है। इस बार राहत समाग्री को वितिरत करने से पूर्व उनकी एक आधा दर्जन टीम ने दिन-रात काम किया। इसके लिए वह खुद अपनी टीम के साथ कंधा से कंधा जोड़ कर खड़े रहें। उनके मुताबिक, वैसे भी कोई भी काम टीम के सहयोग के बिना नहीं हो सकता है।

