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खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी सतर्क दिखाई दे रहा है। खासकर, दीपावली पर्व से पूर्व अमृतसर के स्वास्थ्य विभाग ने एक मुहिम चला रही है। इसी मुहिम के तहत सोमवार को जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएफओ) डॉक्टर मंजीत सिंह रटौल तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) रजनी के नेतृत्व में एक टीम ने स्थानीय राम बाग क्षेत्र में स्थित एक ब्रैड तथा मीठी चटनी का उत्पादन करने वाले कारखाना में दबिश दी। टीम ने वहां से ब्रैड तथा मीठी सॉस के सैंपल भरे है। जिसे प्रयोगशाला में चेकिंग करने के लिए भेज दिए गया। कारखाना के संचालक को लिखित नोटिस देकर इस आधार पर छोड़ा गया कि भविष्य में फिर से दोबारा इस प्रकार की गलती को नहीं दोहराया जाएंगा। इस बात की पुष्टि टीम के एक शीर्ष अधिकारी ने की।

उन्होंने बताया कि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग स्थानों में स्थित खाद्य पदार्थों से संबंधित दुकानों तथा कारखानों में दबिश दी गई। दोपहर करीब 12 बजे के उपरांत टीम ने राम बाग में स्थित एक ब्रैड तथा मीठी चटनी (मीठी सॉस) उत्पादन करने वाली एक कारखाना में दबिश दी। टीम ने जब वहां पर कच्चे तथा पक्के खाद्य पदार्थ को देखा तो उनकी गुणवत्ता काफी निचले स्तर पर पाई गई। जगह-जगह गंदगी तथा मक्खियां बिन बिन्ना रही थी। सफाई बिल्कुल नहीं थी। टीम ने ब्रैड तथा मीठी सॉस का तुरंत सैंपल लिया। फिलहाल, उसे (कारखाना संचालक) को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
रूटीन चेकिंग थी-खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) रजनी
दीपावली पर्व से पूर्व अक्सर मिठाई की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में देखने को आता है कि ये लोग इधर-उधर से घटिया गुणवत्ता का सामान मिठाइयों में इस्तेमाल करते है। लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी घातक होता है। ऐसे में प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रूटीन चेकिंग की जाती है। घटिया मटेरियल इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। इस समय 80 के करीब अलग-अलग तरह के सैंपल भर प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। परिणाम के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। कानून तोड़ने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

बढ़िया गुणवत्ता का सामान ही बेचे- जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएफओ) डॉक्टर मंजीत सिंह रटौल
पिछले माह लगभग 100 सैंपल विभिन्न खाद्य पदार्थों से संबंधित मटेरियल के लिए गए। सभी प्रयोगशाला में भेज दिए गए। हमारी कोशिश यही रहती है कि प्रत्येक व्यक्ति जो खासकर खाद्य-पदार्थ से संबंधित अपना कारोबार कर रहा है, उन्हें समय-समय पर विभाग की तरफ से सलाह दी गई है कि वे लोग गुणवत्ता से कभी समझौता मत करें, क्योंकि, यहीं मटेरियल खाने के लिए इस्तेमाल होता है। खासकर इसे बच्चे (उदाहरण के तौर पर न्यूडलस, बर्गर,सॉस, पिज़्ज़ा) अधिकतम मात्रा में खाते है। घटिया गुणवत्ता बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालती है। सभी (दुकानदार, कारखाना संचालक, रेहड़ी चालक) से अपील है कि चाहे आप पैसे ग्राहक से थोड़ा ज्यादा ले लें, लेकिन, अच्छी गुणवत्ता का सामान दीजिए।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या है दंड…जानिए, हमारी विशेष रिपोर्ट में……?
भारत में खाद्य पदार्थों से संबंधित मुख्य कानून खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम , 2006 है। नियम के तहत मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने पर स्थिति की गंभीरता के अनुसार 1 लाख से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और 7 साल तक की कैद हो सकती है। ###USA###UK###CANADA###PUNJAB###AMRITSAR###AUSTRALIA###NEWZEALAND###SINGAPORE###AUSTRIA###ROME###CHINA###GERMANY###ITLAY###VIETNAM###

