खौफनाक कदम….आखिर, 2 भाईयों की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें ट्रेन के आगे कूद कर देनी पड़ी अपनी जान

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जसकरण और जसविंदर सिंह, जिन्होंने आत्महत्या कर ली। - Dainik Bhaskar

जसकरण और जसविंदर सिंह, जिन्होंने आत्महत्या कर ली। (CREDIT-FILE-IMAGE-BY-SNE-NEWS)

फरीदकोट में कर्ज से परेशान दो सगे भाइयों ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास रेलवे लाइन पर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भाई एक ही एक्टिवा पर सवार होकर रेलवे ट्रैक तक पहुंचे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूद गए। दोनों के टुकड़े-टुकड़े हुए।

सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। मृतकों की पहचान गांव हरीनौ निवासी जसकरण सिंह (38) और उनके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा सिंह (34) के रूप में हुई है। दोनों किसान थे। दोनों अपने पीछे अपनी पत्नियों के अलावा एक-एक छोटी बच्ची छोड़ गए हैं।

शव के टुकड़ों को इकट्‌ठा करते पुलिस और जांच टीम

शव के टुकड़ों को इकट्‌ठा करते पुलिस और जांच टीम

जसकरण सिंह और जसविंदर सिंह के सिर पर लगभग 25 लाख रुपए का कर्ज था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक इससे पहले कर्ज की रकम 50 लाख रुपए से भी अधिक थी और करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचकर कुछ कर्ज उतारा था। करीब नौ महीने पहले दोनों भाइयों ने एक नया ट्रैक्टर भी खरीदा था, जिसकी किस्तों को लेकर वे परेशान चल रहे थे। हाल ही में आलू की फसल खराब हो जाने के कारण वे मानसिक रूप से भी काफी दबाव में आ गए। ट्रैक्टर की किश्तें न जा पाने से बार-बार बैंक का फोन आ रहा था। इसके अलावा बाकी कर्ज न चुका पाने से परेशान थे। इसके चलते आत्मघाती कदम उठा लिया

सूचना पर पहुंचे ग्रामीण शवों को ले जाते हुए।

सूचना पर पहुंचे ग्रामीण शवों को ले जाते हुए।

दोनों भाइयों की शादी गांव टाइफी की दो सगी बहनों से हुई थी। बड़े भाई करण सिंह की 6 साल की बेटी है, जबकि छोटे भाई जसविंदर सिंह की 4 साल की एक बेटी है। 8 भाई-बहनों में से दोनों सबसे छोटे थे और उनकी सभी छह बहनें विवाहित हैं। घर में बुजुर्ग माता-पिता के अलावा दोनों की पत्नियां और एक-एक छोटी बच्ची हैं। दोनों भाई साथ मिलकर खेती और अन्य काम करते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास जमीन कम थी, इसलिए वे ठेके पर जमीन लेकर खेती करते थे। खास बात यह थी कि दोनों भाई एक ही घर (सगी बहनों) में विवाहित थे, जिससे परिवार में बेहतर तालमेल था।

जांच करने मौके पर पहुंची पुलिस।

जांच करने मौके पर पहुंची पुलिस।

गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों को कर्ज की तंगी ने तोड़ दिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज माफ किया जाए और उन्हें उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।जीआरपी चौकी के एएसआई और जांच अधिकारी रजिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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