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पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू सुनवाई से हट गए हैं। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि मामले को किसी अन्य पीठ को सौंपने के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष रखा जाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा पीठ द्वारा मामले पर सुनवाई से आपत्तियां आ सकती हैं।
जस्टिस दत्ता ने कहा कि हम बहुत मुश्किल दौर में हैं। पता नहीं कब और कहां से हमला हो जाए। 17 अन्य बेंच हैं। हम मामले को CJI के पास भेजने के लिए आदेश पर हस्ताक्षर कर देंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन से पहले जस्टिस नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस थे।

6 अक्टूबर को CBI ने चंडीगढ़ में सीएम के कैंप ऑफिस में रेड की थी।
यह मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्र से सामने आया। ED ने आरोप लगाया था कि CM ऑफिस से जुड़े लोगों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित किया जा रहा था। आरोपों में ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसी गतिविधियों का भी जिक्र था। 5 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को मामला दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने CBI से दो महीने में रिपोर्ट देने को भी कहा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। FIR में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासनिक फैसलों और अन्य मामलों को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं। 6 अक्टूबर को CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 जगहों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ स्थित पंजाब CM का कैंप ऑफिस, OSD राजबीर घुम्मन का घर भी शामिल था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जब्त की गई।
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की। सरकार ने CBI जांच पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य की प्रारंभिक जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना CBI को जांच सौंप दी।गुरुवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मामला आया। जस्टिस दत्ता ने कहा कि संबंधित फाइल जस्टिस नागू तक देर से पहुंची है, इसलिए मामले को शुक्रवार को सुना जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने CBI की कार्रवाई पर अंतरिम रोक की मांग की थी।###USA###UK###CANADA###AUSTRALIA###NEWZEALAND###PUNJAB###CHANDIGARH###DGPPUNJAB###SINGAPORE###ITLAY###RUSSIA###GERMANY###FRANCE###VIETNAM###CHINA###ROME###EUROPE###

