PUNJAB–सेवा भावना को सलाम…..कैसे सामाजिक कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर राहत, भोजन, कपड़े और दवाइयां बांट रहे…..?

SHIVRAJ CHOHAN-SNE

वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।  

पंजाब के अपने दौरे के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि सरकार इस सीमावर्ती राज्य को मौजूदा संकट से उबारने के लिए अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करेगी। पंजाब की स्थिति को “बाढ़” बताते हुए, चौहान ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कृषि भूमि, किसानों और पशुधन को हुए नुकसान पर एक विस्तृत जमीनी आकलन रिपोर्ट पेश करेंगे और केंद्र एक व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज लेकर आएगा।


चौहान ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पंजाब की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनके निर्देश पर ही मैंने कल राज्य का दौरा किया था। पंजाब में बाढ़ जैसी स्थिति है। फसलें बर्बाद हो गई हैं। संकट की इस घड़ी में, केंद्र सरकार पंजाब के लोगों और किसानों के साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का योजनाबद्ध पुनर्विकास समय की मांग है। मंत्री ने कहा, “पंजाब को मौजूदा संकट से उबारने के लिए हमें एक अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपेंगे और इस संकट को “विशाल” बताया।
मंत्री ने कहा, “संकट बहुत बड़ा है, लेकिन हम राज्य को इससे उबरने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यह भी उतना ही ज़रूरी है कि पंजाब की आप सरकार जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता से काम करे।” उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद संक्रमण का खतरा होगा। चौहान ने कहा, “किसी भी महामारी को रोकने के लिए मृत पशुओं का उचित तरीके से निपटारा करना होगा। खेतों में गाद जमा हो गई है। अगली फसल को बचाने के लिए हमें गाद हटाने की योजना बनानी होगी।”


मंत्री ने याद दिलाया कि जब स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब केंद्र ने संकट की स्थिति में कृषि भूमि और फसलों को बचाने के लिए सतलुज, व्यास, रावी और घग्गर जैसी प्रमुख नदियों के चारों ओर तटबंध बनाए थे। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर क्षेत्रों का मौका-मुआयना करने के बाद चौहान ने कहा, “अवैध खनन के कारण ये तटबंध कमजोर हो गए हैं और पानी गांव में घुस गया है। भविष्य में किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए हमें इन तटबंधों को बहाल करना होगा।” मंत्री ने इस आपदा के समय पंजाब की सेवा भावना की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, “मैंने पंजाब की सेवा भावना देखी, कैसे सामाजिक कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर राहत, भोजन, कपड़े और दवाइयाँ बाँट रहे हैं। मैं पंजाब की सेवा भावना को सलाम करता हूँ। किसी संकटग्रस्त व्यक्ति की सेवा ईश्वर की आराधना के समान है। पड़ोसी राज्य भी मदद के लिए आगे आए हैं। संकट में एकता की यह भावना हमें सभी कठिनाइयों से उबरने की शक्ति देती है।

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